दिल्ली में रावण दहन के साथ कॉकरोच का पुतला जलाने पर विवाद, आप ने एलजी और पुलिस कमिश्नर से की शिकायत
नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के पीतमपुरा स्थित एनएसपी में दशहरा महोत्सव के दौरान रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ 30 फुट ऊंचा कॉकरोच का पुतला जलाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस मामले में दिल्ली के उपराज्यपाल और पुलिस कमिश्नर को औपचारिक शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने श्री केशव रामलीला समिति के आयोजकों, समिति के अध्यक्ष अशोक गोयल देवराहा और दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। सौरभ भारद्वाज ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि दशहरा जैसे धार्मिक और पारंपरिक पर्व के दौरान कॉकरोच का पुतला जलाकर सनातन परंपराओं को विकृत करने तथा धार्मिक भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि विजयदशमी हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर परंपरागत रूप से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। ऐसे में धार्मिक आयोजन के दौरान कॉकरोच के पुतले को शामिल करना अनुचित है और इससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है।
आप प्रदेश अध्यक्ष ने शिकायत में आरोप लगाया कि कॉकरोच का पुतला जलाने की घटना को केवल स्वच्छता अभियान के तौर पर नहीं देखा जा सकता। उनके अनुसार, यह घटनाक्रम कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को लेकर चल रही राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं के बीच सामने आया है। उन्होंने आशंका जताई कि इस तरह किसी समूह से जुड़े नाम या पहचान को प्रतीकात्मक रूप से निशाना बनाना सामाजिक वैमनस्य और नफरत को बढ़ावा दे सकता है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कथित रूप से निशाने पर लिए गए समूह के नेतृत्व में दलित और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले युवा शामिल हैं। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि धार्मिक मंच का इस्तेमाल किसी विशेष समूह के खिलाफ संदेश देने के लिए किए जाने से सामाजिक तनाव और आपसी सद्भाव पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। सौरभ भारद्वाज ने अपनी शिकायत में इस घटना के फोटो, वीडियो और प्रचार सामग्री के विभिन्न मीडिया माध्यमों पर प्रसारित होने का भी उल्लेख किया है।
उन्होंने कहा कि समाचार चैनलों, डिजिटल समाचार पोर्टलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस घटना से संबंधित सामग्री का प्रसार विवाद को और बढ़ा सकता है। उन्होंने उपराज्यपाल और पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि संबंधित आयोजकों को कॉकरोच का पुतला जलाने से रोकने के लिए आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही, मुख्यधारा के मीडिया संस्थानों, डिजिटल समाचार पोर्टलों और एक्स, फेसबुक तथा यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को संबंधित तस्वीरें, वीडियो और प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश देने की मांग की है।
उन्होंने यह भी आग्रह किया कि यदि किसी प्रकाशक, प्रसारण एजेंसी या डिजिटल मंच की ओर से कानूनी निर्देशों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शिकायत के अंत में आप नेता ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की है।
उनका कहना है कि जांच के जरिए यह पता लगाया जाना चाहिए कि धार्मिक आयोजन में पारंपरिक पुतलों के अतिरिक्त कॉकरोच का पुतला शामिल करने के पीछे क्या उद्देश्य था और क्या इसके माध्यम से किसी सामाजिक या राजनीतिक समूह को निशाना बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने अधिकारियों से मामले में तत्काल कार्रवाई कर राजधानी में शांति, सामाजिक सद्भाव और धार्मिक परंपराओं की गरिमा बनाए रखने की अपील की है।
--आईएएनएस
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