दिल्ली में प्रदूषण के आंकड़ों में हेराफेरी का आरोप, एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशन के आसपास पानी छिड़कने पर 'आप' ने सरकार को घेरा
नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा सरकार पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के आंकड़ों में हेराफेरी करने का गंभीर आरोप लगाया है। आप के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दावा किया है कि दिल्ली में प्रदूषण की वास्तविक स्थिति को कम दिखाने के लिए एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशनों के आसपास पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रदूषण कम करने के ठोस उपाय करने के बजाय मॉनिटरिंग मशीनों की रीडिंग प्रभावित करने में जुटी है।
सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को आईआईटी जहांगीरपुरी में स्थापित एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन के आसपास मशीनों के जरिए पानी का छिड़काव किए जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि मॉनिटरिंग स्टेशन के आसपास पानी डालकर वहां मौजूद धूल के कणों को दबाने की कोशिश की जा रही है, ताकि मशीन में प्रदूषण की रीडिंग वास्तविक स्थिति से कम दर्ज हो।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार का उद्देश्य दिल्ली में प्रदूषण को कम करना नहीं, बल्कि आंकड़ों में हेराफेरी करके प्रदूषण की गंभीरता को छिपाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशन के आसपास ही विशेष रूप से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, जबकि शहर के दूसरे प्रदूषित इलाकों में ऐसी व्यवस्था नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि यदि वास्तविक प्रदूषण का स्तर 600 है तो इस तरह के तरीकों से आंकड़ों में उसे 300 तक दिखाने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने इसे दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य के साथ धोखा करार दिया।
आप प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले साल भी सरकार ने एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशनों के आसपास पानी का छिड़काव कराया था। इसके अलावा हरे-भरे इलाकों में नए मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित कर प्रदूषण के आंकड़ों को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने सरकार की तुलना जीडीपी के आंकड़ों में कथित हेराफेरी से करते हुए कहा कि जिस तरह आर्थिक आंकड़ों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उसी तरह प्रदूषण के आंकड़ों में भी वास्तविकता छिपाई जा रही है।
उनके मुताबिक, दिल्ली में प्रदूषण लगातार गंभीर बना हुआ है, लेकिन सरकार आंकड़ों के जरिए लोगों को गुमराह करने में लगी है। इस मुद्दे पर बुराड़ी से आप विधायक संजीव झा ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आईआईटी जहांगीरपुरी स्थित एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशन के आसपास मशीनों के जरिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है। यहां तक कि आसपास के क्षेत्र में टैंकरों से भी पानी डाला जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार को धूल और प्रदूषण नियंत्रित करना है तो पानी का छिड़काव सड़कों, निर्माण स्थलों और उन सभी स्थानों पर होना चाहिए जहां से धूल के कण हवा में फैलते हैं। केवल मॉनिटरिंग स्टेशन के आसपास पानी डालने का क्या औचित्य है?
संजीव झा ने दावा किया कि जहांगीरपुरी स्थित मॉनिटरिंग स्टेशन पर पानी के छिड़काव के बावजूद एक्यूआई 400 से अधिक दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि स्टेशन के आसपास पानी का छिड़काव नहीं किया जाता तो वहां की वास्तविक स्थिति और भी खराब हो सकती थी। उनके अनुसार, यह पूरी व्यवस्था प्रदूषण नियंत्रण के बजाय मॉनिटरिंग मशीन की रीडिंग कम करने की कोशिश का उदाहरण है।
विधायक ने कहा कि भाजपा सरकार प्रदूषण रोकने के लिए ठोस कदम उठाने में नाकाम है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सड़कों की धूल, निर्माण कार्यों से निकलने वाले कणों और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों पर नियंत्रण हो, लेकिन इसके बजाय मशीनों की रीडिंग कम करने पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार की ऐसी कथित गड़बड़ियों को जनता के सामने लाएगी और हर मुद्दे पर जवाब मांगेगी।
संजीव झा ने भाजपा सांसद मनोज तिवारी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे उन स्थानों पर जाने की बात करते हैं जहां यमुना पहले से साफ है, लेकिन जहां नदी में गंदगी और प्रदूषण की समस्या है, वहां जाने से बचते हैं। उन्होंने दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा से सवाल किया कि क्या मॉनिटरिंग स्टेशन के आसपास पानी का छिड़काव कर देना ही प्रदूषण नियंत्रण का सरकार का तरीका है?
--आईएएनएस
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