दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन से युवक घायल, दोषी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई हो: अलका लांबा
नई दिल्ली, 24 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान एक युवक पेलेट गन से घायल हो गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को युवक को मीडिया के सामने लाकर यह दावा किया। इस बीच अब महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया और सरकार इस सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रही है। साथ ही, उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग दोहराई।
अलका लांबा ने कहा कि राहुल गांधी एक ऐसे छात्र को मीडिया के सामने लेकर आए, जो 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में मौजूद था और पेलेट गन से गंभीर रूप से घायल हो गया था। उन्होंने दावा किया कि उस छात्र की एक आंख चली गई है और उसके शरीर पर भी पेलेट के निशान हैं।
उन्होंने कहा कि अब तक न सरकार, न पुलिस और न ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यह स्वीकार कर रहे थे कि पेलेट गन का इस्तेमाल हुआ है, लेकिन आज राहुल गांधी ने उस घायल छात्र को मीडिया के सामने लाकर पूरी सच्चाई देश के सामने रख दी। इससे साफ हो गया है कि सरकार झूठ बोल रही है और उसने पेलेट गन के इस्तेमाल से इनकार करके लोगों को गुमराह किया है। यह केवल एक छात्र का मामला नहीं है, बल्कि कई अन्य छात्र भी इसी कार्रवाई में घायल हुए हैं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से मांग की कि जिन पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी छात्रों से माफी मांगें। जिन युवाओं को लहूलुहान किया गया, उनके साथ न्याय होना चाहिए। जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। जंतर-मंतर से लेकर राहुल गांधी तक हर मंच से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग गूंज रही है।
जेपी नड्डा की मौजूदगी में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा अनशन खत्म किए जाने पर अलका लांबा ने कहा कि वह इस मुद्दे पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहतीं, लेकिन उन्हें खुशी है कि वांगचुक ने अपनी जान को जोखिम में डालने वाला अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि हम सब चाहते थे कि सोनम वांगचुक जी अपनी जिंदगी को दांव पर न लगाएं। कांग्रेस ने भी उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की थी। मुझे खुशी है कि उन्होंने अपना अनशन तोड़ा है, लेकिन छात्रों के मुद्दे अभी भी जस के तस हैं। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए, छात्रों पर कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और प्रधानमंत्री छात्रों से माफी मांगें।
--आईएएनएस
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