दिल्ली में केंद्रीय मंत्री शिवराज से मिले असम के सीएम सरमा, कृषि एवं ग्रामीण विकास को लेकर हुई चर्चा
नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी देने के साथ ही किसानों की समस्याओं का जिक्र किया, साथ ही कृषि और ग्रामीण विकास योजनाओं को लेकर चर्चा की।
बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल असम के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण, नए आवासों की स्वीकृति, फसल एवं बीज सहायता, कृषि मशीनीकरण, आरकेवीवाई और एमआईडीएच सहित कई योजनाओं से संबंधित स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री को सौंपे। शिवराज सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित असम में लोगों की सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार कोई कसर बाकी नहीं रखेगी और असम के विकास के लिए धन की कमी नहीं होगी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि बाढ़ से जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनका सर्वे पूरा होने के बाद पात्र परिवारों की सूची के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत नए मकानों की स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि असम सरकार द्वारा सर्वे की अवधि 15 दिन बढ़ाई गई है, ताकि कोई भी पात्र परिवार सहायता से वंचित न रहे।
बैठक में असम के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपये की कुल आवासीय स्वीकृतियों से संबंधित पत्र मुख्यमंत्री को शिवराज सिंह ने सौंपे। केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराने में केंद्र सरकार असम को हरसंभव सहयोग देगी। असम में हाल की बाढ़ से हजारों मकान प्रभावित हुए हैं और राज्य सरकार ने राहत एवं पुनर्वास के लिए व्यापक सर्वे शुरू किया है। प्रारंभिक आकलन में 26,681 मकानों के प्रभावित होने और करीब 480 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान सामने आया है।
शिवराज चौहान ने असम सरकार द्वारा चाय बागान श्रमिकों को भूमि का पट्टा दिए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले पट्टा नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में चाय बागान श्रमिक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे। अब पात्र श्रमिक परिवारों के नाम डिजिटल सर्वे के माध्यम से दर्ज किए जाएंगे और सूची तैयार होने के बाद उन्हें भी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मकान बनाने के लिए सहायता दी जाएगी। केंद्र सरकार ने पीएम आवास योजना के लाभार्थियों की पहचान के लिए असम में विशेष सर्वे विंडो खोलने का निर्णय लिया है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों को फसलों के नुकसान की भरपाई और आगामी खेती के लिए अतिरिक्त बीज उपलब्ध कराने में केंद्र सरकार सहयोग करेगी। सब्जी उत्पादन तथा अन्य आवश्यक कृषि गतिविधियों के लिए भी राज्य को अतिरिक्त सहायता देने पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि असम के किसानों को राहत देने के साथ-साथ कृषि उत्पादन को दोबारा पटरी पर लाना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। जरूरत के अनुसार बीज, कृषि सामग्री और अन्य सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार के प्रस्तावों पर शीघ्र विचार किया जाएगा।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले विलेज ऑर्गेनाइजेशन को भी सहायता देने का निर्णय भी शिवराज सिंह द्वारा लिया गया। प्रत्येक विलेज ऑर्गेनाइजेशन को करीब 1.50 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है, ताकि स्थानीय स्तर पर आजीविका और ग्रामीण गतिविधियों को मजबूत किया जा सके।
बैठक में असम के कृषि क्षेत्र के लिए विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृतियों और प्रस्तावों की समीक्षा की गई। इनमें प्रमुख रूप से निम्न बिंदु शामिल हैं- वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत असम को 553 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता सहित कुल 832.7 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
आरकेवीवाई के तहत राज्य को करीब 279.5 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। कृषि मशीनीकरण के लिए एसएमएएम के तहत 33.36 करोड़ रुपये की पहली मूल स्वीकृति जारी की है। कृषि मशीनीकरण के लिए अतिरिक्त सहायता और सीमावर्ती एवं प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों पर भी विचार किया जाएगा। एमआईडीएच के तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सब्जी उत्पादन, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग ढांचे के लिए 96.87 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना स्वीकृत की गई है। असम में सुरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए 1,500 नए बांस पॉलीहाउस स्वीकृत किए गए हैं। आरकेवीवाई के तहत कीटनाशक परीक्षण प्रयोगशाला और खाद्य तेल परीक्षण प्रयोगशाला के भवनों को मंजूरी दी गई है।
केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने असम में महिला किसानों को कृषि पावर वीडर उपलब्ध कराने की योजना पर भी जानकारी दी। इससे खेती की लागत कम करने, श्रम की समस्या दूर करने और महिला किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। बैठक में महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में असम की उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई। राज्य में 9 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। असम कृषि विश्वविद्यालय के इनक्यूबेटरों के सहयोग से महिला उद्यमों को और मजबूत किया जाएगा।
असम के जैविक कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए एपीडा तथा नेशनल ऑर्गेनिक कोऑपरेटिव लिमिटेड के साथ साझेदारी की जा रही है। किसानों को उत्पादन से लेकर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात तक सहायता देने की योजना है। बैठक में असम की जैव विविधता, मसाला उत्पादन और राज्य पुष्प फॉक्सटेल ऑर्किड के विकास पर भी चर्चा हुई।
शिवराज चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम के कृषि और ग्रामीण विकास के लिए धन एवं संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, कृषि अवसंरचना कोष, विकसित भारत- जी राम जी और अन्य केंद्रीय योजनाओं का अधिकतम लाभ राज्य को दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि असम में बाढ़ से किसानों, ग्रामीण परिवारों और गरीबों को भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों, किसानों, चाय बागान श्रमिकों और ग्रामीण गरीबों के लिए केंद्र की स्वीकृतियां राज्य के लिए बड़ी राहत हैं। बैठक में दोनों पक्षों ने असम में कृषि तथा ग्रामीण विकास को गति देने के लिए निरंतर समन्वय बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।
--आईएएनएस
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