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दिल्ली की हवा बेहद खराब, 324 पर एक्यूआई, सीएक्यूएम ने पूरे एनसीआर में ग्रैप-2 किया लागू

दिल्ली की हवा बेहद खराब, 324 पर एक्यूआई, सीएक्यूएम ने पूरे एनसीआर में ग्रैप-2 किया लागू
दिल्ली की हवा बेहद खराब, 324 पर एक्यूआई, सीएक्यूएम ने पूरे एनसीआर में ग्रैप-2 किया लागू

नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दैनिक एक्यूआई बुलेटिन के अनुसार, 2 नवंबर को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 324 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से ग्रैप के चरण-II को लागू करने का फैसला किया है।

सीएक्यूएम की ग्रैप को लागू करने के लिए बनी उप-समिति ने बैठक में मौजूदा वायु गुणवत्ता की स्थिति और आईएमडी/आईआईटीएम द्वारा दिए गए पूर्वानुमान की समीक्षा की।

समीक्षा में पाया गया कि दिल्ली का एक्यूआई 31 अक्टूबर को 117 यानी मध्यम श्रेणी में था, जो 1 नवंबर को तेजी से बढ़कर 261 यानी खराब श्रेणी में पहुंच गया और 2 नवंबर को प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण 324 तक पहुंच गया। आईएमडी/आईआईटीएम के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में ही रहने की संभावना है।

इसी को देखते हुए उप-समिति ने सर्वसम्मति से पूरे एनसीआर में तत्काल प्रभाव से ग्रैप के चरण-II के तहत कार्य योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत तय सभी उपायों को एनसीआर की संबंधित एजेंसियों द्वारा पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जाना है। इसके साथ ही पहले से लागू ग्रैप का चरण-I भी जारी रहेगा।

सीएक्यूएम ने नागरिकों से अपील की है कि वे ग्रैप के चरण-I और चरण-II के नागरिक चार्टर में बताए गए निर्देशों का पालन करें। वहीं, लोगों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने, तकनीक का सहारा लेकर कम भीड़भाड़ वाले रास्तों का चुनाव करने, वाहनों में एयर फिल्टर को नियमित रूप से बदलने और ठोस कचरे व बायोमास को खुले में नहीं जलाने की अपील भी की गई है। साथ ही कहा गया है कि जिन लोगों के काम की प्रकृति ऐसी है कि वे घर से काम कर सकते हैं, उन्हें वर्क फ्रॉम होम करना चाहिए।

ग्रैप के चरण-II के तहत एजेंसियों को कई सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें चिन्हित सड़कों पर रोजाना मशीनी और वैक्यूम स्वीपिंग और पानी का छिड़काव, सड़कों पर पीक ट्रैफिक से पहले धूल को दबाने वाले पदार्थों का छिड़काव, दिल्ली-एनसीआर के सभी हॉटस्पॉट पर प्रदूषण कम करने के लिए केंद्रित कदम, निर्माण और विध्वंस स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों को सख्ती से लागू करने के लिए निरीक्षण बढ़ाना, निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाना शामिल है।

इसके अलावा, जीएनसीटीडी और एनसीआर राज्य सरकारें दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में सरकारी कार्यालयों के समय को अलग-अलग करेंगी। आयोग ने कहा है कि वह स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है और आने वाले दिनों में नियमित रूप से वायु गुणवत्ता की समीक्षा करता रहेगा।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम

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