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दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सासंदों का भाजपा में किया स्वागत

नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने की मंजूरी का दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वागत किया है। इसके साथ ही सभी सांसदों को शुभकामनाएं दी हैं।
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सासंदों का भाजपा में किया स्वागत

नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने की मंजूरी का दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वागत किया है। इसके साथ ही सभी सांसदों को शुभकामनाएं दी हैं।

रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट पर लिखा, "राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा आम आदमी पार्टी के 7 सांसदों के भाजपा में शामिल होने की आधिकारिक स्वीकृति का हम हार्दिक स्वागत करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विकसित भारत के संकल्प से प्रेरित होकर लिया गया आप सभी का यह निर्णय अभिनंदनीय है। अब राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी भाजपा संसदीय दल के सदस्य हैं। संसदीय गरिमा और अनुशासन को बनाए रखने वाले इन साथियों का अनुभव देश के विकास को नई शक्ति प्रदान करेगा। झूठ और अराजक राजनीति को त्याग कर राष्ट्र सर्वोपरि की भावना के साथ जुड़ने के लिए आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।"

वहीं, राघव चड्ढा ने सोमवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट कर आम आदमी पार्टी को छोड़ने की वजह बताई है। राघव चड्ढा ने कहा था कि आम आदमी पार्टी में आज एक टॉक्सिक माहौल बन गया है। वहां काम करने से रोका जाता है, संसद में बोलने से रोका जाता है। पूरी पार्टी अब कुछ भ्रष्ट और समझौता करने वाले लोगों के हाथ में फंसकर रह गई है। ये लोग अब देश के लिए नहीं, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम करते हैं। पिछले कई साल से ये महसूस हो रहा था कि वे सही जगह पर नहीं हैं।

उन्होंने कहा, "शायद मैं सही आदमी हूं, लेकिन गलत पार्टी में।" उनके सामने सिर्फ तीन रास्ते थे। पहला, पूरी तरह राजनीति छोड़ देना। दूसरा, उसी पार्टी में रहकर चीजें सुधारने की कोशिश करना, जो संभव नहीं हुआ और तीसरा, अपनी एनर्जी और अनुभव को लेकर किसी और प्लेटफॉर्म पर जाकर सकारात्मक राजनीति करना। इसलिए उन्होंने तीसरा रास्ता चुना, लेकिन उन्होंने अकेले यह फैसला नहीं लिया। उनके साथ और भी सांसद थे। कुल सात सांसदों ने मिलकर यह तय किया कि अब वो इस पार्टी से अपना रिश्ता तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, "एक आदमी गलत हो सकता है, दो आदमी गलत हो सकते हैं, लेकिन सात लोग गलत नहीं हो सकते।"

--आईएएनएस

ओपी/वीसी

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