दिल्ली हॉस्टल हादसा: हाईकोर्ट ने MCD और DU को ठहराया जिम्मेदार, वीडियो में जाने 10 दिन में मांगा जवाब; मालिक हिरासत में
दिल्ली हॉस्टल हादसे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। अदालत ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि बाहर से पढ़ाई करने के लिए दिल्ली आने वाले छात्रों के हॉस्टलों की स्थिति बेहद खराब और दयनीय है। सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और संबंधित संस्थानों की जिम्मेदारी है। अदालत ने दिल्ली नगर निगम, दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और दिल्ली विश्वविद्यालय को 10 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित विभागों से यह स्पष्ट करने को कहा है कि हॉस्टलों की सुरक्षा, नियमों के पालन और निगरानी को लेकर अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
हॉस्टल मालिक हरिराम बंसल हिरासत में
वहीं, पुलिस ने हादसे के बाद फरार चल रहे हॉस्टल मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने इससे पहले उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था, ताकि वह देश छोड़कर फरार न हो सके।पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर हादसे की वजहों और लापरवाही से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हॉस्टल संचालन में किन नियमों का उल्लंघन किया गया था।
हादसे में 7 छात्रों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा
दिल्ली के इस दर्दनाक हॉस्टल हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। घटना के बाद बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें से 5 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।रेस्क्यू ऑपरेशन अब पूरा हो चुका है। राहत और बचाव टीमों ने काफी मशक्कत के बाद फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला था। हादसे के बाद छात्रों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद राजधानी में छात्र हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद अब प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।अदालत के निर्देश के बाद दिल्ली सरकार, MCD, DU और अन्य संबंधित संस्थानों को अब अपनी कार्रवाई और जवाबदेही को लेकर रिपोर्ट पेश करनी होगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में हॉस्टलों की जांच और सुरक्षा मानकों को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

