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दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर: 22 फरवरी को पूरा होगा देश का पहला रीजनल रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क

नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आधुनिक, तेज और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने वाला 'नमो भारत' प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। 180 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड और 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम परिचालन गति वाले इस हाई-स्पीड, हाई-फ्रीक्वेंसी रेल सिस्टम का उद्देश्य दिल्ली और आसपास के शहरों के बीच यात्रा को तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाना है। औसत परिचालन गति 90 किमी प्रति घंटा रखी गई है।
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर: 22 फरवरी को पूरा होगा देश का पहला रीजनल रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क

नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आधुनिक, तेज और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने वाला 'नमो भारत' प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। 180 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड और 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम परिचालन गति वाले इस हाई-स्पीड, हाई-फ्रीक्वेंसी रेल सिस्टम का उद्देश्य दिल्ली और आसपास के शहरों के बीच यात्रा को तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाना है। औसत परिचालन गति 90 किमी प्रति घंटा रखी गई है।

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की कुल लंबाई 82.15 किमी है। इसमें 70 किमी एलिवेटेड और 12 किमी भूमिगत ट्रैक शामिल हैं। दिल्ली में लगभग 14 किमी और उत्तर प्रदेश में 68 किमी का हिस्सा है। परियोजना की कुल लागत 30,274 करोड़ रुपए है। फंडिंग में एडीबी (लगभग 1 अरब डॉलर), एनडीबी (500 मिलियन डॉलर) और एआईआईबी (500 मिलियन डॉलर) का योगदान है। केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत, दिल्ली सरकार की 3.22 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश सरकार की 16.78 प्रतिशत है।

फिलहाल, 55 किमी सेक्शन (न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ) के 11 स्टेशन चालू हैं। 16 स्टेशनों में जंगपुरा, सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार (अंडरग्राउंड), साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदी नगर नॉर्थ/साउथ, मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल (अंडरग्राउंड) और मोदिपुरम शामिल हैं। दुहाई और मोदिपुरम में डिपो बनाए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने 8 मार्च 2019 को शिलान्यास किया था। 20 अक्टूबर 2023 को 17 किमी का प्राथमिक खंड राष्ट्र को समर्पित किया गया। 2024 में विस्तार के बाद 5 जनवरी 2025 को ट्रेन दिल्ली पहुंची। 22 फरवरी को न्यू अशोक नगर से सराय काले खां (5 किमी) और मेरठ साउथ से मोदिपुरम (21 किमी) खंड के उद्घाटन के साथ पूरा कॉरिडोर चालू होने की संभावना है।

ट्रेनों में 2एक्स2 ट्रांसवर्स सीटिंग, ओवरहेड लगेज रैक, मोबाइल/लैपटॉप चार्जिंग, पैनोरमिक डबल-ग्लेज्ड खिड़कियां, सीसीटीवी, फायर डिटेक्टर, ऑटोमैटिक दरवाजे और प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स (पीएसडी) लगाए गए हैं। प्रत्येक ट्रेन में एक प्रीमियम कोच और एक महिला आरक्षित कोच है। चयनात्मक डोर ओपनिंग से ऊर्जा की बचत होती है। इसी ट्रैक पर 23 किमी लंबी मेरठ मेट्रो सेवा भी संचालित होगी। इसकी डिजाइन स्पीड 135 किमी/घंटा और अधिकतम परिचालन गति 120 किमी/घंटा होगी।

13 स्टेशनों वाली यह मेट्रो मेरठ साउथ से मोदिपुरम तक 30 मिनट में सफर पूरा करेगी। ट्रेन तीन कोच की होगी और 700 से अधिक यात्री सफर कर सकेंगे। क्यूआर कोड टिकटिंग, एनसीएमसी कार्ड और ‘नमो भारत कनेक्ट’ ऐप से डिजिटल टिकट सुविधा दी गई है।

दिल्ली मेट्रो और आईआरसीटीसी के साथ एकीकृत टिकटिंग व्यवस्था लागू की गई है। परियोजना में सोलर पावर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग (30 प्रतिशत ऊर्जा बचत) और 110 मेगावाट सोलर प्लांट जैसी हरित पहलें शामिल हैं। साहिबाबाद और गुलधर स्टेशन को आईजीबीसी से नेट जीरो एनर्जी रेटिंग मिली है। नमो भारत के पूरा होने से एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत होने की उम्मीद है, जिससे प्रदूषण और सड़क जाम में कमी आएगी। यह परियोजना एनसीआर के विकास को नई रफ्तार देने वाली साबित होगी।

--आईएएनएस

पीकेटी/डीसीएच

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