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Delhi Building Collapse Live: सत्य निकेतन में मौत का मंजर, 6 की मौत और कई मलबे में दबे; रेस्क्यू जारी
 

Delhi Building Collapse Live: सत्य निकेतन में मौत का मंजर, 6 की मौत और कई मलबे में दबे; रेस्क्यू जारी


दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर हुए दर्दनाक हादसे के बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास करीब 1:30 बजे एक पुरानी इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 12 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान निकाले गए लोगों में से 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया है। वहीं, मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।


रेस्क्यू डॉग और कैमरों से जारी तलाश
घटना के बाद राहत एवं बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटे हुए हैं। संभावित रूप से फंसे लोगों का पता लगाने के लिए रेस्क्यू डॉग और विशेष कैमरों की मदद ली जा रही है।
टीमें बेहद सावधानी से मलबा हटाने का काम कर रही हैं, क्योंकि हादसे वाली इमारत के आसपास की संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।


बेसमेंट में चल रहा था तोड़फोड़ का काम
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस इमारत के गिरने से यह हादसा हुआ, वह करीब 40 साल पुरानी थी। बताया जा रहा है कि इमारत के बेसमेंट में पिछले करीब सात दिनों से तोड़फोड़ और खुदाई का काम चल रहा था।
लोगों का दावा है कि बेसमेंट पहले से कमजोर था और वहां पानी भी जमा था। आरोप है कि खुदाई के दौरान एक पिलर खिसक गया, जिसके बाद पूरी इमारत का ढांचा अचानक ढह गया। हादसे के वक्त वहां काम कर रहे मजदूर भी मलबे में दब गए।
हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


MCD रिकॉर्ड में खतरनाक घोषित नहीं थी बिल्डिंग
हादसे से जुड़ी एक अहम जानकारी यह भी सामने आई है कि दिल्ली नगर निगम (MCD) के रिकॉर्ड में इस इमारत को खतरनाक घोषित नहीं किया गया था। ऐसे में अब यह सवाल भी उठ रहा है कि पुरानी इमारत में चल रहे निर्माण या तोड़फोड़ के काम की निगरानी किस तरह की जा रही थी।
पास की दूसरी इमारत में भी आईं दरारें
गिरी हुई इमारत के बिल्कुल पास मौजूद एक दूसरी बिल्डिंग को भी खाली करा लिया गया है। इस इमारत में दरारें दिखाई देने के बाद सुरक्षा को देखते हुए लोगों को बाहर निकाल दिया गया।
रेस्क्यू टीम के मुताबिक, मलबा हटाने के दौरान दूसरी इमारत के भी क्षतिग्रस्त होने या गिरने का खतरा बना हुआ है। इसे सुरक्षित रखने के लिए सपोर्टिंग पिलर लगाए जा रहे हैं।


मालिक के खिलाफ FIR, पुलिस जांच शुरू
हादसे के बाद पुलिस ने इमारत के मालिक आनंद बंसल, जो गुरुग्राम में रहते हैं, के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले में गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से जुड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस अब हादसे की परिस्थितियों, निर्माण और बेसमेंट में चल रहे काम से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।


4 मंजिल से ज्यादा के अवैध निर्माण पर कार्रवाई का ऐलान
दिल्ली की मेयर प्रवेश वाही ने हादसे के बाद कहा है कि चार मंजिल से ज्यादा वाले सभी अवैध निर्माणों को तत्काल सील किया जाएगा। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की बात कही है।
वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में हुई इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।


जर्जर इमारतों पर MCD का नोटिस
हादसे के बाद MCD की कार्रवाई भी तेज हो गई है। 6 सितंबर के MCD आदेश में सत्य निकेतन इलाके की जर्जर और खतरनाक इमारतों को लेकर उन्हें गिराने का नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। रेस्क्यू टीम लगातार सावधानी से अभियान चला रही है और हर संभावित स्थान पर लोगों की तलाश की जा रही है।
 

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