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आईएफएफ : बंगाली से लेकर तेलुगू सिनेमा का जलवा, रितुपर्णा सेनगुप्ता की फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग

नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी स्थित भारत मंडपम में आयोजित 'अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव' में अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों की स्क्रीनिंग हो रही है।
आईएफएफ : बंगाली से लेकर तेलुगू सिनेमा का जलवा, रितुपर्णा सेनगुप्ता की फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग

नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी स्थित भारत मंडपम में आयोजित 'अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव' में अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों की स्क्रीनिंग हो रही है।

समारोह में हर क्षेत्रीय भाषा के कलाकार को मंच के जरिए सिनेमा के अलग-अलग लोगों से मिलने का मौका रहा है। समारोह के पांचवें दिन बंगाली अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता, दिव्या दत्ता, तेलुगू सिनेमा से जुड़े के.के. सेंथिल कुमार, संयुक्ता मेनन और संग्राम सिंह को देखा गया।

अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में अपनी फिल्म की स्क्रीनिंग से अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता बहुत खुश हैं। मीडिया से बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा, "यह मेरे लिए गर्व की बात है कि यहां मेरी फिल्म को दिखाया जा रहा है। मैं काफी सालों से बंगाली सिनेमा में सक्रिय हूं और कई मीनिंगफुल काम किए हैं।"

अपनी फिल्म के बारे में बात करते हुए अभिनेत्री ने साफ किया कि फिल्म मां और बेटी के प्यारे से रिश्ते को दिखाती है, जिसमें उनकी मां का किरदार शर्मिला टैगोर ने निभाया है। इतनी बड़ी अभिनेत्री के साथ पर्दे पर दिखना सपने के जैसा है।

समारोह में पहुंचे डायरेक्टर शेखर कपूर ने एआई पर खुलकर बात की। उनका कहना है कि नई तकनीक आने से अब 300 करोड़ की फिल्म को 300 रुपए में भी बनाया जा सकता है और एक बच्चा भी एआई की मदद से अच्छी वीडियो बना सकता है। हम तकनीक का इस्तेमाल करके चीजों को अधिक बेहतर बना सकते हैं।

मीडिया से बात करते हुए दिव्या दत्ता ने कहा, "पहली बार दिल्ली में इतने बड़े स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की शुरुआत होना बहुत खास बात है क्योंकि मुझे याद है कि पहले फिल्मों की स्क्रीनिंग के लिए दिल्ली से मुंबई जाना पड़ता था, लेकिन अब खुशी होती है कि दिल्ली की सरकार ने इतना बड़ा और अहम कदम उठाया है।"

अपनी फिल्म 'चिरैया' का जिक्र करते हुए अभिनेत्री ने कहा, "आज के दर्शक बदल चुके हैं और लोगों को अच्छी संदेश देने वाली कहानियां चाहिए। मुझे लगता था कि 'चिरैया' अच्छी फिल्म है, लेकिन उसे इतना प्यार मिलेगा, यह सोचा नहीं था।"

तेलुगू सिनेमा से जुड़े केके सेंथिल कुमार का कहना है कि दिल्ली में इतने बड़े पैमाने पर अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आगाज होना बड़ी बात है। एक ही मंच पर डायरेक्टर, एक्टर और निर्माताओं का होना बहुत बड़ी बात है। यहां छोटे से लेकर नए फिल्ममेकर्स को नया मंच मिला है।

पहलवान संग्राम सिंह भी अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का हिस्सा बने। उन्होंने कहा कि बात चाहे स्पोर्ट्स की हो या फिर सोशल लाइफ की, सिनेमा हर किसी से जुड़ा है। समारोह में कल्ट फिल्मों से लेकर नई फिल्मों की प्रदर्शनी लगी है। मुझे उम्मीद है कि अगले साल हम भी अपनी फिल्म के साथ आएंगे।

--आईएएनएस

पीएस/एबीएम

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