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दिल्ली अक्षरधाम में 'विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा' कार्यक्रम का आयोजन

दिल्ली अक्षरधाम में 'विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा' कार्यक्रम का आयोजन
दिल्ली अक्षरधाम में 'विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा' कार्यक्रम का आयोजन

नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली स्थित स्वामिनारायण अक्षरधाम मंदिर में रविवार को 'विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा' नामक एक विशिष्ट सभा का आयोजन किया गया, जिसमें दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से हजारों युवक-युवतियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे भगवान की मंगलकारी धुन और प्रार्थना के साथ हुई।

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित करते हुए नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत कार्यक्रम में उपस्थित रहे। यह विशिष्ट सभा देशभर में मौजूद बीएपीएस के सभी प्रमुख केंद्रों पर आयोजित की गई।

कार्यक्रम के पूर्वभाग में संस्था के वरिष्ठ संत ईश्वरचरणदास स्वामी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, "भगवान स्वामिनारायण ने हमें व्यसनमुक्त जीवन जीने का आदेश दिया है। जो व्यसनमुक्त होता है, वही सच्चा सत्संगी बनता है।" उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी इस अभियान के लिए युवाओं को प्रेरणा दे रहे हैं, तो सभी को उत्साह और प्रेम के साथ आगे आना चाहिए।

केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री शेखावत ने बीएपीएस द्वारा चल रही युवा प्रवृत्ति को सराहा और नवयुवाओं को सर्जनात्मक कार्य के लिए प्रेरणा दी। प्रधानमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने विकसित भारत के स्वप्न को साकार होने में युवाओं को भूमिका पर प्रकाश डाला। पीएम मोदी ने सभी को प्रेरणा देते हुए कहा कि नशामुक्त भारत के इस अभियान में युवाओं को आगे आना चाहिए।

आपको बता दें कि देश भर में 10,000 जगहों से युवाओं, 'माय भारत' के वॉलंटियर्स, एनएसएस वॉलंटियर्स, स्कूलों, कॉलेजों, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स और 125 से ज्यादा स्पिरिचुअल इंस्टीट्यूशन्स ने इस प्रोग्राम में वर्चुअली हिस्सा लिया।

उल्लेखनीय है कि भगवान स्वामिनारायण के समय से ही उनके 3,000 से भी अधिक संत-परमहंस गांवों में विचरण कर लोगों को व्यसनमुक्त जीवन जीने के प्रेरणा देते थे। प्रमुख स्वामी महाराज ने व्यसनमुक्ति और लोक कल्याण के इस अभियान को जारी रखते हुए अपने जीवनकाल में 50 लाख से भी अधिक लोगों को व्यसन छोड़कर एक पवित्र जीवन अपनाने की प्रेरणा दी थी। इनमें किसान, जनजातीय समूहों से लेकर बड़े-बड़े व्यापारी और नवयुवा तक शामिल थे।

पिछले कई दशकों से बीएपीएस नशामुक्ति और इससे जुड़ी जागरूकता समाज में जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत रहा है:

वर्ष 1997: संस्था ने गुजरात के विभिन्न गांवों और शहरों में नशामुक्ति शिविरों का आयोजन किया, जिनमें हजारों लोगों को नशामुक्त किया गया। इसके साथ ही, सभी तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने के लिए अनेक स्थानों पर चलित नशामुक्ति प्रदर्शनी प्रदर्शित की गई, जिसे देखकर कई लोगों ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।

वर्ष 2000: 9 से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों ने 2,500 समूह बनाकर गुजरात, मुंबई, कोलकाता समेत कई राज्यों में घर-घर जाकर लोगों से नशामुक्त जीवन अपनाने का आग्रह किया। इसके परिणामस्वरूप लाखों लोगों ने गुटखा, ड्रग्स, धूम्रपान और शराब जैसी आदतें छोड़ने का लिखित संकल्प लिया।

वर्ष 2007: 23,000 बच्चों और युवाओं ने देशभर में नशामुक्ति अभियान के तहत 21,00,000 लोगों से संपर्क किया, जिनमें से 6,30,000 लोगों ने नशामुक्ति का संकल्प लिया। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रपति भवन में बीएपीएस के युवा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उनके कार्यों की सराहना कर उनका सम्मान किया।

वर्ष 2022: आजादी के अमृत महोत्सव और प्रमुखस्वामी महाराज के जन्म शताब्दी महोत्सव के अवसर पर भी युवाओं ने देशभर में नशामुक्ति अभियान में हिस्सा लेकर लाखों लोगों को एक शुद्ध और पवित्र जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।

आज वर्तमान में महंतस्वामी महाराज के मार्गदर्शन में असंख्य लोगों ने अपने जीवन को संवारने के लिए व्यसनमुक्त जीवन अपनाया है। उनके दर्शन और पवित्र जीवन से प्रेरणा लेकर वे अपने और समाज के लिए एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।

--आईएएनएस

एसके/

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