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दिल्ली : आप विधायक ने विजेंद्र गुप्ता को लिखा पत्र, कपिल मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली के बुराड़ी से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक संजीव झा ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को पत्र लिखकर मांग की कि पंजाब के जालंधर स्थित सत्तम न्यायालय द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया गया है, जिसमें दिल्ली विधानसभा से संबंधित एक वायरल वीडियो को फर्जी, छेड़छाड़ किया हुआ एवं भ्रामक मानते हुए उसे सोशल मीडिया एवं इंटरनेट से हटाने का निर्देश दिया गया है।
दिल्ली : आप विधायक ने विजेंद्र गुप्ता को लिखा पत्र, कपिल मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली के बुराड़ी से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक संजीव झा ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को पत्र लिखकर मांग की कि पंजाब के जालंधर स्थित सत्तम न्यायालय द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया गया है, जिसमें दिल्ली विधानसभा से संबंधित एक वायरल वीडियो को फर्जी, छेड़छाड़ किया हुआ एवं भ्रामक मानते हुए उसे सोशल मीडिया एवं इंटरनेट से हटाने का निर्देश दिया गया है।

संजीव झा ने पत्र में लिखा कि न्यायालय द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि उक्त वीडियो के माध्यम से तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया तथा उससे जनमानस को गुमराह करने का प्रयास किया गया।

उन्होंने लिखा कि इस प्रकरण को और भी गंभीर बनाता है यह तथ्य कि उक्त फर्जी वीडियो में सिख गुरुओं के पावन नाम का गलत, आपत्तिजनक एवं अपमानजनक संदर्भ में उपयोग किया गया, जिससे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंचने की स्थिति उत्पन्न हुई। किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि के विरुद्ध इस प्रकार के झूठे आरोप धार्मिक भावनाओं से जोड़कर प्रसारित करना न केवल निंदनीय है, बल्कि समाज में नफरत फैलाने वाला कृत्य भी है।

पत्र में लिखा गया है कि वीडियो को सबसे पहले मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित/प्रचारित किया गया और नेता प्रतिपक्ष आतिशी की छवि को जानबूझकर धूमिल करने का प्रयास किया गया। दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही एवं रिकॉर्ड को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया। सिख गुरुओं के पावन नाम को राजनीतिक उद्देश्य से गलत ढंग से जोड़ा गया, तथा धार्मिक सौहार्द एवं सामाजिक शांति को क्षति पहुंचाने की स्थिति उत्पन्न हुई।

संजीव झा का कहना है कि दिल्ली विधानसभा के विशेषाधिकारों के अंतर्गत यह स्थापित सिद्धांत है कि सदन की कार्यवाही, रिकॉर्ड एवं संदर्भों का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता। किसी सदस्य द्वारा विधानसभा से संबंधित सामग्री को फर्जी रूप से संपादित कर, धार्मिक भावनाओं को भड़काने एवं एक निर्वाचित सदस्य पर झूठे आरोप लगाने हेतु प्रसारित करना स्पष्ट रूप से विशेषाधिकार हनन एवं सदन की अवमानना की श्रेणी में आता है।

विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया गया है कि जालंधर न्यायालय के आदेश एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इस मामले को विशेषाधिकार समिति के संज्ञान में लिया जाए। कपिल मिश्रा से यह स्पष्ट किया जाए कि उन्होंने न्यायालय द्वारा फर्जी पाए गए वीडियो को किस आधार पर प्रसारित किया। नेता प्रतिपक्ष आतिशी पर झूठे आरोप लगाने एवं धार्मिक भावनाएं आहत करने के कृत्य पर विशेषाधिकार उल्लंघन की कार्यवाही प्रारंभ की जाए।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

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