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दिल्ली में 2.47 लाख की साइबर धोखाधड़ी के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली में 2.47 लाख की साइबर धोखाधड़ी के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली में 2.47 लाख की साइबर धोखाधड़ी के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। साइबर पुलिस स्टेशन, नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट ने 'ब्लू डार्ट' कोरियर डिलीवरी के बहाने 2.47 लाख की धोखाधड़ी के मामले को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। धोखाधड़ी से हासिल रकम को निकालने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 'म्यूल बैंक अकाउंट' (धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल होने वाले खाते) चलाने वाले मो. अरबाज दानियाल उर्फ ​​लब्बू, जिमी बथला, अब्दुल वदूद और अनिकेत वर्मा को गिरफ्तार किया गया है।

नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के बाबरपुर निवासी और दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड के डिप्टी जनरल मैनेजर सतेंद्र की शिकायत पर 16 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, सतेंद्र को एक का फोन आया, जिसने खुद को 'ब्लू डार्ट' कूरियर एग्जीक्यूटिव बताकर पार्सल की डिलीवरी के बारे में बात की। कॉलर ने धोखे से उन्हें एक नंबर डायल करने और अपने मोबाइल फोन पर कॉल और मैसेज फॉरवर्डिंग चालू करने के लिए मना लिया। नतीजतन, बैंकिंग ओटीपी सहित सभी इनकमिंग कॉल और एसएमएस धोखेबाजों के कंट्रोल वाले नंबरों पर डायवर्ट हो गए, जिससे वे शिकायतकर्ता के बैंक खाते से 2.47 लाख रुपये धोखाधड़ी से निकालने में कामयाब हो गए।

साइबर टीम ने शिकायत की जांच बहुत बारीकी से की गई, जिसमें फाइनेंशियल एनालिसिस, टेक्निकल सर्विलांस और फील्ड इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया। मनी ट्रेल की जांच के दौरान जांचकर्ताओं को पता चला कि ठगी गई रकम का एक हिस्सा 80,000 रुपये आरोपी मो. अरबाज दानियाल उर्फ ​​लब्बू के नैनीताल बैंक खाते में जमा किया गया था। आगे की जांच से पता चला कि यह खाता जानबूझकर साइबर फ्रॉड से मिली रकम को लेने और ट्रांसफर करने के लिए 'म्यूल बैंक अकाउंट' के तौर पर खोला गया था।

टेक्निकल एनालिसिस, बैंकिंग रिकॉर्ड और फील्ड वेरिफिकेशन के जरिए काशीपुर (उत्तराखंड) और मिर्जापुर, लखनऊ व सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश) में म्यूल अकाउंट चलाने वाले बेनिफिशियरी अकाउंट होल्डर्स और मदद करने वालों की पहचान की गई। साइबर पुलिस स्टेशन, नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के इंस्पेक्टर राहुल कुमार की देखरेख में टीम ने ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड), लखनऊ, मिर्जापुर व सुल्तानपुर (यूपी) में एक साथ छापेमारी की, जिसके बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

11 जुलाई को मो. अरबाज दानियाल उर्फ ​​लब्बू और जिमी बथला को काशीपुर, उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान मो. अरबाज ने बताया कि उसने जिमी बथला के कहने पर 50,000 रुपये के बदले बैंक खाता खोला था। बाद में जिमी ने यह खाता अपने साथी अब्दुल वदूद को 1,00,000 रुपये में सौंप दिया। जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच से पैसों के लेन-देन के रिकॉर्ड का पता चला।

आरोपी जिमी बथला की पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान, जांच आगे बढ़ी और मिर्जापुर से सह-आरोपी अब्दुल वदूद और सुल्तानपुर से अनिकेत वर्मा को गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी पता चला कि अब्दुल वदूद ने नैनीताल बैंक खाता अनिकेत वर्मा को दिया था, जिसने बाद में ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड के लिए टेलीग्राम के जरिए काम करने वाले साइबर फ्रॉडस्टर्स को खाते की जानकारी बेच दी। सिंडिकेट के बाकी सदस्यों की पहचान करने और अपराध से मिली रकम का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।

--आईएएनएस

ओपी/पीएम

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