देहरादून: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया आईएमए की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण, महिलाओं के लिए ऐतिहासिक दिन
देहरादून, 13 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया। यह दिन भारतीय सेना और देश की महिलाओं के लिए बेहद गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक है, क्योंकि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के पहले महिला बैच की कैडेट्स आज अधिकारी बनकर पासआउट हो रही हैं।
आईएमए की पासिंग आउट परेड में एनडीए की पहली महिला बैच की 9 महिला कैडेट भारतीय थलसेना में अधिकारी के रूप में शामिल होंगी। हैदराबाद के डुंडीगल स्थित भारतीय वायुसेना अकादमी से 5 महिला कैडेट्स वायुसेना में कमीशन प्राप्त करेंगी। इससे पहले एनडीए के द्वार महिलाओं के लिए बंद थे। जून 2022 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद महिलाओं को एनडीए में प्रवेश मिला था। इस फैसले ने सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका को नई दिशा दी है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आईएमए परेड की समीक्षा करेंगी, जबकि डुंडीगल एयरफोर्स अकादमी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे। इस वर्ष आईएमए से कुल 515 कैडेट पास आउट हो रहे हैं, जिनमें 16 देशों के 34 विदेशी कैडेट भी शामिल हैं। इनमें एनडीए की पहली महिला बैच की 9 बहादुर महिला कैडेट भी हैं, जो कड़ी ट्रेनिंग के बाद अब देश की सेवा के लिए तैयार हैं।
भारतीय वायुसेना के 217वें कोर्स के तहत फ्लाइंग और ग्राउंड ड्यूटी ब्रांच के कुल 231 फ्लाइट कैडेट प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग पूरी कर रहे हैं। इनमें 194 पुरुष और 37 महिला कैडेट शामिल हैं। इन 37 महिला कैडेट्स में से 5 एनडीए की पहली महिला बैच की हैं। इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि महिलाएं भी पुरुषों के बराबर कठिन ट्रेनिंग पूरी कर सशस्त्र बलों में योगदान दे सकती हैं।
कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड का समापन बेहद भव्य और आकर्षक है। वायुसेना के सुखोई लड़ाकू विमानों-सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम और प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के प्रदर्शन मुख्य आकर्षण रहे।
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