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'दीपिका मलयालम दैनिक' की 140वीं वर्षगांठ, उपराष्ट्रपति बोले- जिम्मेदार पत्रकारिता लोकतंत्र की मजबूती का आधार

नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को केरल के कोट्टायम स्थित केसी मम्मेन मप्पिल्लई हॉल में आयोजित दीपिका मलयालम दैनिक के 140वें स्थापना दिवस समारोह में शिरकत की और दीपिका उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए।
'दीपिका मलयालम दैनिक' की 140वीं वर्षगांठ, उपराष्ट्रपति बोले- जिम्मेदार पत्रकारिता लोकतंत्र की मजबूती का आधार

नई दिल्‍ली, 31 मई (आईएएनएस)। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को केरल के कोट्टायम स्थित केसी मम्मेन मप्पिल्लई हॉल में आयोजित दीपिका मलयालम दैनिक के 140वें स्थापना दिवस समारोह में शिरकत की और दीपिका उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए।

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सभा को संबोधित करते हुए दीपिका के 140 वर्षों के सफर को 'प्रतिबद्धता, साहस, विश्वसनीयता और जनसेवा की एक उल्लेखनीय विरासत' बताया। 19वीं सदी के उत्तरार्ध में समाचार पत्र स्थापित करने की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि 140 वर्ष पूर्व, जब शिक्षा और संचार के साधन सीमित थे, तब प्रकाशन शुरू करने के लिए असाधारण दृढ़ संकल्प और दूरदर्शिता की आवश्यकता थी।

उन्होंने लोकतंत्र में जिम्मेदार पत्रकारिता की भूमिका पर जोर दिया। उन्‍होंने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व सार्वजनिक जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक है और रचनात्मक आलोचना निष्पक्ष और संतुलित होनी चाहिए। पत्रकारिता का सच्चा धर्म अच्छे कार्यों की सराहना करने के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर गलत कार्यों की निडरता से आलोचना करना है।

सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि समाचार पत्रों की सामाजिक जिम्मेदारी घटनाओं की रिपोर्टिंग से कहीं अधिक व्यापक है। पत्रकारिता को आशा, नवाचार, करुणा और वैज्ञानिक प्रगति की कहानियों को भी उजागर करना चाहिए, क्योंकि ऐसी रचनात्मक पत्रकारिता युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाती है और उन्हें राष्ट्र निर्माण की ओर प्रेरित करती है।

उन्होंने कहा कि संपादकीय समाचार पत्रों में राय व्यक्त करने का वैध स्थान है, जबकि समाचार रिपोर्टिंग वस्तुनिष्ठ और तथ्यात्मक होनी चाहिए। उन्होंने समाचार रिपोर्टिंग में संपादकीयकरण की बढ़ती प्रवृत्ति के प्रति आगाह किया। उन्होंने पीढ़ियों से सामाजिक सद्भाव, शिक्षा, संस्कृति और रचनात्मक सार्वजनिक संवाद को बढ़ावा देने तथा केरल के साहित्यिक और सांस्कृतिक क्षेत्र को समृद्ध करने के लिए दीपिका की सराहना की।

मीडिया के बदलते परिदृश्य पर चिंता व्यक्त करते हुए उपराष्ट्रपति ने गलत सूचनाओं की बढ़ती चुनौती, घटते जनविश्वास, व्यावसायिक दबाव और डिजिटल प्लेटफार्मों द्वारा लाए गए तीव्र परिवर्तन की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि आज लोग मुद्दों और बहसों में गहराई से शामिल हुए बिना ही कैप्शन और हेडलाइन से प्रभावित हो रहे हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि मीडिया के सामने हर चुनौती एक अवसर भी प्रस्तुत करती है और आशा व्यक्त की कि दीपिका ईमानदारी और व्यावसायिकता के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए युवा पत्रकारों को प्रेरित करती रहेगी।

दीपिका के प्रबंधन, कर्मचारियों, योगदानकर्ताओं, विज्ञापनदाताओं, वितरकों और पाठकों को बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने समाचार पत्र को समाज और राष्ट्र की सेवा में कई वर्षों तक सफलता, प्रासंगिकता और उत्कृष्टता की कामना की।

इस अवसर पर केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन, केरल विधानसभा के अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन, पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस, कोट्टायम के आर्कबिशप मार मैथ्यू मूलक्कट, राष्ट्र दीपिका लिमिटेड के अध्यक्ष फ्रांसिस क्लीटस, प्रबंध निदेशक माइकल वेटिकट और मुख्य संपादक डॉ. जॉर्ज कुडिलिल उपस्थित रहे।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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