तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर आज फैसला संभव, दोनों गुटों ने उतारे उम्मीदवार
पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न को लेकर विवाद गहरा गया है। चुनाव आयोग गुरुवार को इस मामले में अंतरिम आदेश जारी कर सकता है। आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के प्रतिनिधियों को दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया है। दोनों पक्षों ने नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं और दोनों ही तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक चुनाव चिह्न ‘घास पर दो फूल’ का इस्तेमाल कर रहे हैं।
चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार को होने वाली बैठक में दोनों गुटों के प्रतिनिधियों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। आयोग इसके बाद यह तय कर सकता है कि आगामी उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न का इस्तेमाल किस गुट को करने की अनुमति दी जाए या इसे लेकर अंतरिम व्यवस्था क्या होगी।
दो विधानसभा सीटों पर आमने-सामने उम्मीदवार
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। इन दोनों सीटों पर तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों ने अलग-अलग उम्मीदवार घोषित किए हैं। यही वजह है कि चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग के सामने स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है।ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी तृणमूल कांग्रेस धड़े ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउद्दीन शेख को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को नंदीग्राम से संचिता प्रधान और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार घोषित किया था।
चुनाव चिह्न पर विवाद क्यों महत्वपूर्ण
चुनाव में किसी राजनीतिक दल के आधिकारिक चुनाव चिह्न की पहचान मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण होती है। एक ही चुनाव चिह्न पर दो गुटों के उम्मीदवार मैदान में होने से मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। इसी वजह से चुनाव आयोग को उपचुनाव से पहले इस विवाद पर अंतरिम व्यवस्था करनी पड़ सकती है।दोनों गुटों की ओर से एक ही चुनाव चिह्न का इस्तेमाल किए जाने के बाद आयोग ने दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने के लिए दिल्ली बुलाया है। बैठक में दोनों पक्षों के दस्तावेज और दावे सुने जा सकते हैं। इसके बाद आयोग अंतरिम आदेश के जरिए उपचुनाव के दौरान चुनाव चिह्न के इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट कर सकता है।
6 अक्टूबर को होना है मतदान
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में नामांकन, प्रचार और मतदान से पहले चुनाव चिह्न को लेकर स्थिति साफ होना दोनों गुटों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग के अंतरिम आदेश के बाद यह स्पष्ट होगा कि दोनों सीटों पर तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न को लेकर क्या व्यवस्था लागू होगी। गुरुवार की बैठक पर अब दोनों गुटों के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भी नजर है।

