'ट्रंप के दबाव में लिया UPI पर फैसला!' मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर क्यों साधा निशाना? जानिए पूरा मामला
UPI के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR (Merchant Discount Rate) लागू करने के फैसले को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि यह फैसला अमेरिकी दबाव में लिया गया है।
सिसोदिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान जारी कर दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में UPI से जुड़ा यह फैसला लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे अमेरिकी कंपनियों को फायदा होगा, जबकि भारतीय नागरिकों और घरेलू डिजिटल पेमेंट सिस्टम पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
AAP नेता ने UPI को भारत की स्वदेशी डिजिटल पेमेंट व्यवस्था बताते हुए कहा कि देश को वैश्विक दबाव के बजाय अपने डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम और घरेलू कंपनियों के हितों पर ध्यान देना चाहिए।
80% फायदे के दावे पर भी उठाए सवाल
सिसोदिया ने अपने बयान में दावा किया कि नए MDR सिस्टम से अमेरिकी कंपनियों को करीब 80 फीसदी तक फायदा हो सकता है। हालांकि, यह एक राजनीतिक आरोप है और सरकार ने UPI MDR को अमेरिकी दबाव में लिए जाने के आरोपों को खारिज किया है।
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि UPI से जुड़ी नीति पर फैसले स्वतंत्र रूप से लिए गए हैं और इनका उद्देश्य डिजिटल पेमेंट सिस्टम को टिकाऊ, समावेशी और किफायती बनाए रखना है। सरकार ने विदेशी प्रभाव से जुड़े आरोपों को गलत बताया है।
UPI MDR पर क्या है नया नियम?
नए नियमों के तहत 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ज्यादा के कुछ Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा। यह शुल्क ग्राहक से सीधे वसूलने के लिए नहीं है। Person-to-Person यानी P2P UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू नहीं होगा।
सरकार ने यह भी कहा है कि मर्चेंट इस शुल्क को ग्राहकों पर नहीं डाल सकते और UPI प्लेटफॉर्म ग्राहकों से कोई छिपा हुआ अतिरिक्त शुल्क नहीं ले सकते।
UPI को लेकर सियासी घमासान जारी
MDR लागू करने के फैसले पर विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस फैसले से डिजिटल पेमेंट की लागत बढ़ सकती है और विदेशी पेमेंट कंपनियों को फायदा हो सकता है।
वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि MDR व्यवस्था का उद्देश्य UPI इकोसिस्टम के लिए एक टिकाऊ रेवेन्यू मॉडल तैयार करना है और आम ग्राहकों के लिए UPI को मुफ्त बनाए रखना है।

