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दशकों का इंतजार खत्म: डीग जिले के कामां का नाम अब ‘कामवन’, सरकार ने जारी की अधिसूचना

दशकों का इंतजार खत्म: डीग जिले के कामां का नाम अब ‘कामवन’, सरकार ने जारी की अधिसूचना

करीब तीन दशकों से चल रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है। राजस्थान के डीग जिले स्थित ऐतिहासिक कस्बे कामां का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर ‘कामवन’ कर दिया गया है। राज्य सरकार की ओर से नाम परिवर्तन की अधिसूचना जारी होने के साथ ही क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों द्वारा पिछले 30 साल से अधिक समय से यह मांग उठाई जा रही थी कि कामां का नाम उसके प्राचीन और पौराणिक स्वरूप ‘कामवन’ के अनुरूप किया जाए। उनका तर्क था कि यह क्षेत्र ब्रज संस्कृति और धार्मिक इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है और प्राचीन ग्रंथों में इसका उल्लेख ‘कामवन’ के रूप में मिलता है।

ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व से जुड़ा है नाम

कामवन को ब्रज के प्रमुख वन क्षेत्रों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली से जुड़ा रहा है। कई संतों और विद्वानों ने भी समय-समय पर इस क्षेत्र की पहचान उसके प्राचीन नाम से बहाल करने की वकालत की थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाम परिवर्तन से न केवल ऐतिहासिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

लंबे समय से चल रहा था आंदोलन

नाम परिवर्तन की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने ज्ञापन सौंपे, हस्ताक्षर अभियान चलाए और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई। कई बार यह मुद्दा स्थानीय स्तर से लेकर राज्य स्तर तक उठा, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने में समय लगा। प्रशासनिक औपचारिकताओं और कानूनी प्रक्रियाओं के कारण प्रस्ताव लंबित रहा।

हालांकि हाल ही में राज्य सरकार ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कीं और अंततः अधिसूचना जारी कर दी। इसके साथ ही सरकारी रिकॉर्ड, राजस्व दस्तावेजों और अन्य आधिकारिक अभिलेखों में ‘कामां’ के स्थान पर ‘कामवन’ नाम दर्ज किया जाएगा।

क्षेत्र में उत्साह का माहौल

घोषणा के बाद क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने मिठाइयां बांटी और एक-दूसरे को बधाई दी। कई सामाजिक संगठनों ने इसे सांस्कृतिक अस्मिता की जीत बताया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान की पुनर्स्थापना है।

जनप्रतिनिधियों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के विकास और पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। उनका मानना है कि ‘कामवन’ नाम से देश-विदेश के श्रद्धालु और पर्यटक अधिक आकर्षित होंगे।

आगे की प्रक्रिया

प्रशासन की ओर से बताया गया है कि सभी विभागों को नाम परिवर्तन की जानकारी भेज दी गई है और जल्द ही नए नाम से साइन बोर्ड व अन्य संकेतक लगाए जाएंगे। साथ ही डाक, परिवहन और राजस्व विभाग सहित अन्य संस्थानों में भी आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

कुल मिलाकर, दशकों के इंतजार के बाद यह फैसला क्षेत्रवासियों के लिए ऐतिहासिक क्षण बन गया है। कामां से कामवन बना यह कस्बा अब अपनी प्राचीन पहचान के साथ नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है।

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