'डेड इकोनॉमी' विवाद पर कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा का पलटवार, बोले-जीडीपी आंकड़ों से नहीं छिपेगी जमीनी हकीकत
रांची, 1 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस के मीडिया इंचार्ज राकेश सिन्हा ने देश की अर्थव्यवस्था, महंगाई, झारखंड में कथित घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव, हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद, महाराष्ट्र में मतदाता सूची, नेपाल की त्रासदी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर कई सवाल उठाए। उन्होंने जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी का भी जवाब दिया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा राहुल गांधी की 'डेड इकोनॉमी' वाली टिप्पणी पर निशाना साधे जाने पर राकेश सिन्हा ने कहा कि वित्त मंत्री को देश की जमीनी आर्थिक स्थिति पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने महंगाई, रुपए की स्थिति और खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का उल्लेख करते हुए कहा कि आम आदमी के लिए अर्थव्यवस्था का आकलन केवल जीडीपी के आंकड़ों से नहीं होता।
सिन्हा ने प्याज की कीमतों को लेकर वित्त मंत्री के पुराने बयान का संदर्भ देते हुए कहा कि यदि महंगाई आम जनता को प्रभावित कर रही है तो सरकार को उसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने रांची में चीनी की कीमत करीब 70 रुपए प्रति किलो होने का दावा करते हुए कहा कि अगर ऐसी स्थिति को भी खराब अर्थव्यवस्था नहीं माना जाता, तो फिर खराब अर्थव्यवस्था की परिभाषा क्या है, यह वित्त मंत्री ही बताएं।
झारखंड में घुसपैठ और संथाल परगना की बदलती जनसांख्यिकी को लेकर भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखे जाने पर भी कांग्रेस नेता ने सवाल उठाए। राकेश सिन्हा ने कहा कि लंबे समय तक झारखंड में भाजपा की सरकार रही है। ऐसे में अगर डेमोग्राफिक बदलाव हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि झारखंड की सीमा बांग्लादेश से नहीं लगती तो घुसपैठ झारखंड तक किस रास्ते से पहुंची।
उन्होंने कहा कि यदि असम के रास्ते घुसपैठ होने का दावा किया जा रहा है तो भाजपा नेता को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय गृह मंत्री से भी जवाब मांगना चाहिए। सिन्हा ने बाबूलाल मरांडी से केवल पत्र लिखने के बजाय जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित 'शुद्धिकरण' को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने पर राकेश सिन्हा ने इसे दलितों के अपमान से जोड़ा। उन्होंने कहा कि संविधान छुआछूत की भावना को गंभीरता से लेता है। खड़गे के कार्यक्रम के बाद जिस तरह से कथित तौर पर शुद्धिकरण किया गया, वह केवल कांग्रेस अध्यक्ष का नहीं बल्कि करोड़ों दलितों का अपमान है। राहुल गांधी ने इसी मुद्दे को उठाते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई राहुल गांधी के खिलाफ कर दी गई। उन्होंने सवाल किया कि देश में कानून का राज है या भाजपा का राज।
महाराष्ट्र में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के मुद्दे पर राकेश सिन्हा ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भाजपा को फायदा पहुंचाया और महाराष्ट्र की सरकार 'वोट चोरी' के जरिए बनी है। राहुल गांधी पहले ही महाराष्ट्र में कथित वोट चोरी का मुद्दा उठा चुके हैं और उनके मुताबिक अब यह कोई नया विषय नहीं है।
नेपाल त्रासदी पर राकेश सिन्हा ने दुख जताते हुए कहा कि नेपाल भारत का पड़ोसी देश है और दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से नेपाल को हरसंभव मदद देने की अपील की। सिन्हा ने विशेष रूप से नेपाल में लापता भारतीय नागरिकों की तलाश के लिए भारत सरकार से गंभीर प्रयास करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को विदेश दौरों के साथ पड़ोसी देश में आई बड़ी आपदा पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
एससीओ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युद्ध को मानवता के लिए नुकसानदेह बताते हुए बातचीत के जरिए विवादों के समाधान की अपील किए जाने पर सिन्हा ने सवाल उठाया कि जब पश्चिम एशिया में संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव था, तब भारत की प्रतिक्रिया क्या थी। उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व को लेकर अमेरिका में हुई गतिविधियों का भी जिक्र किया और पूछा कि उस समय प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर खुलकर बयान क्यों नहीं दिया। राकेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री उन्हीं मुद्दों पर ज्यादा सक्रिय दिखाई देते हैं, जिनसे राजनीतिक या मीडिया में सुर्खियां मिलती हैं।
--आईएएनएस
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