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रत्नागिरी : दाऊद इब्राहिम की पुश्तैनी संपत्तियां बिकी, नीलामी में मिले दो खरीदार

मुंबई, 20 मार्च (आईएएनएस)। भगोड़े अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम से जुड़ी रत्नागिरी स्थित पुश्तैनी जमीनों को आखिरकार खरीदार मिल गए हैं। लंबे समय से बार-बार नीलामी के बावजूद इन संपत्तियों के लिए कोई खरीदार सामने नहीं आ रहा था, लेकिन हालिया नीलामी में दो लोगों के नाम सामने आ रहे हैं।
रत्नागिरी : दाऊद इब्राहिम की पुश्तैनी संपत्तियां बिकी, नीलामी में मिले दो खरीदार

मुंबई, 20 मार्च (आईएएनएस)। भगोड़े अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम से जुड़ी रत्नागिरी स्थित पुश्तैनी जमीनों को आखिरकार खरीदार मिल गए हैं। लंबे समय से बार-बार नीलामी के बावजूद इन संपत्तियों के लिए कोई खरीदार सामने नहीं आ रहा था, लेकिन हालिया नीलामी में दो लोगों के नाम सामने आ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार नीलामी 5 मार्च को केंद्र सरकार की ओर से आयोजित की गई थी। इसमें रत्नागिरी जिले के खेड़ तालुका के मुम्बके गांव में स्थित चार कृषि भूखंडों के लिए बोली लगाई गई। ये सभी जमीनें दाऊद इब्राहिम के परिवार, विशेष रूप से उनकी मां अमीना बी के नाम पर दर्ज थीं। हालांकि खरीददारों के नाम और पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

नीलामी के दौरान एक खरीदार ने एक प्लॉट के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई, जबकि दूसरे व्यक्ति ने बाकी तीन प्लॉट अपने नाम किए। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक दोनों खरीदारों की पहचान उजागर नहीं की गई है।

सरकार ने इन संपत्तियों को “स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स (फॉरफीचर ऑफ प्रॉपर्टी) एक्ट” के तहत जब्त किया था। यह कानून उन संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति देता है, जिनका संबंध तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों से होता है। इसी प्रक्रिया के तहत इन जमीनों को नीलामी के लिए प्रस्तुत किया गया।

गौरतलब है कि इन संपत्तियों की नीलामी पहले कई बार असफल रही थी। वर्ष 2017, 2020, 2024 और 2025 में भी इन्हें बेचने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार या तो कोई बोली लगाने वाला नहीं मिला या प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। नवंबर 2025 की नीलामी में तो एक भी खरीदार सामने नहीं आया था।

इस बार चारों भूखंडों के लिए अलग-अलग रिजर्व प्राइस तय किए गए थे। एक प्रमुख प्लॉट, जिसकी कीमत करीब 9.41 लाख रुपए रखी गई थी, वह 10 लाख रुपए से अधिक में बिका है।

नीलामी में सफल बोली लगाने वालों को अप्रैल 2026 तक पूरी राशि जमा करनी होगी। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी मिलने पर यह सौदा पूरी तरह वैध हो जाएगा। लंबे इंतजार के बाद इन संपत्तियों का बिकना सरकार की कार्रवाई में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।

--आईएएनएस

एसएके/एएस

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