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दालमंडी में ध्वस्तीकरण का काम जारी, पीडब्ल्यूडी की देखरेख में चल रहा काम: अतुल अंजन त्रिपाठी

वाराणसी, 8 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पुलिस प्रशासन की तरफ से लगातार दालमंडी में अवैध मकानों को गिराया जा रहा है। एक बार फिर लोक निर्माण विभाग के मौजूदगी में 100 से ज्यादा मकानों को गिराया जाएगा। इसके लिए पुलिस प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
दालमंडी में ध्वस्तीकरण का काम जारी, पीडब्ल्यूडी की देखरेख में चल रहा काम: अतुल अंजन त्रिपाठी

वाराणसी, 8 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पुलिस प्रशासन की तरफ से लगातार दालमंडी में अवैध मकानों को गिराया जा रहा है। एक बार फिर लोक निर्माण विभाग के मौजूदगी में 100 से ज्यादा मकानों को गिराया जाएगा। इसके लिए पुलिस प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।

एसीपी अतुल अंजन त्रिपाठी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि इस बार लोक निर्माण विभाग की तरफ से एक टीम बनाई गई है, जो पूरे काम को देख रही है। वाराणसी के दालमंडी प्रोजेक्ट को तेजी से पूर्ण करने के लिए पीडब्ल्यूडी और प्रशासनिक अधिकारी लगे हुए हैं। इसी क्रम में दालमंडी में बने पांच मंजिला और 6 मंजिला मकानों को तोड़ने के लिए पीडब्ल्यूडी ने पोकलेन मशीन मंगवाई। इसी दौरान पीडब्ल्यूडी ने 14 नए भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की मुनादी भी करवाई थी। इन सभी मकानों की रजिस्ट्री करवाई जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि कड़ी सुरक्षा के बीच 100 से ज्यादा ढांचों को गिराने और कार्रवाई करने का काम जारी है। 11 एवं 15 जून को और भी ढांचों को गिराने की योजना है। इसके लिए सोमवार को कुल 187 प्रॉपर्टी चिह्नित की गई थी। इनमें 181 मकान और 6 मस्जिदें हैं। यहां करीब 1400 दुकानें भी थीं। पहली बार 29 अक्टूबर 2025 को लोक निर्माण विभाग ने मकान तोड़ना शुरू किया। अब तक कुल 60 मकान तोड़े जा चुके हैं। अभी भी 121 मकान और 6 मस्जिदें बची हैं। फिलहाल, मस्जिदों को तोड़ा नहीं जा रहा है। बताया जा रहा कि उसे लास्ट में तोड़ा जाएगा।

बता दें कि इस चौड़ीकरण के बाद वाराणसी में जाम की समस्या समाप्त होने की उम्मीद है और यातायात सुगम होगा। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, जर्जर भवनों को प्राथमिकता के आधार पर ध्वस्त किया जा रहा है। दालमंडी क्षेत्र में चौड़ीकरण का यह कार्य लंबे समय से आवश्यक था, क्योंकि यहां की संकरी गलियों में अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न होती थी। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने इस कार्य का स्वागत किया, क्योंकि इससे न केवल यातायात में सुधार होगा, बल्कि क्षेत्र की सुंदरता भी बढ़ेगी।

इसके साथ ही वाराणसी की दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 51वें काशी के दौरे पर इस कार्य का शिलान्यास किया था। इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से 215.88 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। 186 भवन, दुकान स्वामियों को 191 करोड़ रुपए मुआवजा के रूप में दिए जाएंगे।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी

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