दक्षिण भारत के लोगों को भ्रमित किया जा रहा है, परिसीमन पर कोई छिपा एजेंडा नहीं : तेजस्वी सूर्या
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने परिसीमन को लेकर सदन में कहा कि दक्षिण भारत के लोगों में बहुत बड़ा भ्रम फैलाया जा रहा है। दक्षिण भारत में विपक्ष का विरोध अराजक होता जा रहा है और विपक्ष भ्रम भी फैला रहा है।
तेजस्वी सूर्या ने कहा कि परिसीमन कोई बैकडोर प्रोसेस नहीं है, ये संविधान के निर्धारित नियमों के आधार पर ही हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर लोकसभा सीटों को फ्रीज रखा जाता है और महिला आरक्षण को उसी रूप में लागू किया जाता है, तो इससे वोटों के असल वैल्यू का नुकसान हो जाएगा।
तेजस्वी सूर्या ने सदन में सभी राज्यों का आंकड़ा सामने रखते हुए बताया कि परिसीमन के बाद किसकी कितनी सीटें बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू नहीं किया जाएगा। सीएम एमके स्टालिन गलत जानकारी फैला रहे हैं। परिसीमन के जरिए तमिलनाडु से सांसदों की संख्या 39 से बढ़कर 59 हो सकती है। इससे तो तमिलनाडु का भी प्रतिनिधित्व बढ़ेगा।
केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पारित किया गया था, जिसके प्रावधानों को 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन के आधार पर लागू किया जाएगा। लोकसभा की सदस्य संख्या में समान रूप से 50 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जिससे कुल सीटें बढ़कर 815 हो जाएंगी। इनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जो सदन की कुल संख्या का एक-तिहाई है। किसी भी राज्य को कोई नुकसान नहीं होगा और उनकी मौजूदा ताकत बरकरार रहेगी।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने परिसीमन विधेयक पर भाजपा और सरकार की नीयत पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सपा महिला आरक्षण के पक्ष हैं। डॉ. लोहिया हमेशा जेंडर जस्टिस और सोशल जस्टिस के पक्ष में रहे। हम भी उसी राह पर हैं। ये आरक्षण हमारे आह्वान को और मजबूत कर रहा है। अब भारतीय जनता पार्टी नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही है।
अखिलेश ने कहा कि जिन्होंने नारी को अपने संगठन में नहीं रखा वे उसके मान सम्मान को कैसे रखेंगे? पिछले कई साल से ये लोग सरकार में हैं लेकिन हम दुनिया के आंकड़े देखें तो हम जेंडर इक्वालिटी में कहां खड़े हैं। इनकी खुद की सरकार को देखें तो इनकी 21 जगह सरकार है लेकिन कितना महिला मुख्यमंत्री हैं।
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