आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान मुरासु का कहर, 2 लोगों की मौत; 52 हजार हेक्टेयर से ज्यादा फसलें बर्बाद, 35 ट्रेनें रद्द
आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान मुरासु ने भारी तबाही मचाई है। तूफान के कारण राज्य में अब तक 2 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 52 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। तेज हवाओं और भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। सैकड़ों मकानों को नुकसान पहुंचा है और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। तूफान के चलते रेलवे यातायात पर भी असर पड़ा है। 35 से ज्यादा ट्रेनें रद्द करनी पड़ी हैं, जबकि कई ट्रेनों के रूट बदले गए हैं।
जानकारी के अनुसार, चक्रवाती तूफान मुरासु मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट से टकराया। इसके बाद राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी से अत्यधिक भारी बारिश हुई। यह एक सप्ताह के भीतर राज्य में आया दूसरा चक्रवाती तूफान है। इससे पहले भी चक्रवाती तूफान अर्नब ने राज्य के कुछ हिस्सों में नुकसान पहुंचाया था।
15 जिलों में फसलों को भारी नुकसान
तूफान के कारण राज्य के 15 जिलों में खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गईं। शुरुआती सरकारी आकलन के मुताबिक, 52,459 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। कृष्णा, बापटला और नंद्याल जिले सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं।
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन के अनुसार, तूफान से राज्य को शुरुआती अनुमान के मुताबिक करीब 344 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इसके अलावा 312 मकान प्रभावित हुए हैं। तेज हवाओं के कारण करीब 2,750 बिजली के खंभे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
12 हजार से ज्यादा लोग राहत शिविरों में
तूफान के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। करीब 12,230 लोग अभी भी राहत शिविरों में रह रहे हैं। सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी राहत कार्यों में जुटी हैं।
कई इलाकों में पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी वाहन फंस गए। प्रकाशम जिले में मछली पकड़ने वाली कुछ नावों को भी नुकसान पहुंचा है।
35 से ज्यादा ट्रेनें रद्द, कई के रूट बदले
चक्रवाती तूफान का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 35 से ज्यादा ट्रेनें रद्द की गई हैं। इसके अलावा 14 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं और 8 ट्रेनों का समय पुनर्निर्धारित किया गया है। कई उड़ानें भी रद्द करनी पड़ी हैं।
रेलवे प्रशासन मौसम और ट्रैक की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यात्रियों को सफर शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जांचने की सलाह दी गई है।
कमजोर पड़ा तूफान, बारिश का अलर्ट जारी
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मुरासु मंगलवार दोपहर तक कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदल गया था। इसके और कमजोर होने का अनुमान जताया गया। हालांकि, तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में बुधवार को भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बिजली व्यवस्था बहाल करने में जुटा है।

