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Cyclone Arnab: ओडिशा-आंध्र प्रदेश में अलर्ट, स्कूल बंद और मछली पकड़ने पर रोक; कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा

Cyclone Arnab: ओडिशा-आंध्र प्रदेश में अलर्ट, स्कूल बंद और मछली पकड़ने पर रोक; कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा

चक्रवात अर्नब के संभावित लैंडफॉल को देखते हुए ओडिशा और आंध्र प्रदेश में प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विशाखापट्टनम से बापटला की दिशा में बढ़ रहा है। बुधवार दोपहर तक इसके तट से टकराने की संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से करीब 400 किलोमीटर के क्षेत्र में मौसम प्रभावित हो सकता है।

125 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, लैंडफॉल के दौरान चक्रवात की हवाओं की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। कुछ स्थानों पर यह बढ़कर 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

समुद्र में ऊंची लहरें उठने की चेतावनी भी दी गई है। इससे आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में समुद्र का पानी निचले इलाकों में घुस सकता है। तेज हवाओं और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

स्कूल बंद, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह

चक्रवात के खतरे को देखते हुए ओडिशा और आंध्र प्रदेश में प्रशासन ने सुरक्षा उपाय शुरू कर दिए हैं। स्कूलों को बंद रखने और मछली पकड़ने पर रोक लगाने जैसे कदमों का उद्देश्य लोगों को संभावित खतरे से बचाना है।

राहत और बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

चार राज्यों में भारी बारिश की आशंका

चक्रवात का असर केवल तटीय राज्यों तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 से 30 अक्टूबर के बीच पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। हालांकि, बारिश की तीव्रता और प्रभावित जिलों की स्थिति स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

प्रशासन की तैयारी पर रहेगी नजर

चक्रवात के संभावित असर को देखते हुए तटीय इलाकों में सुरक्षा और राहत व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। लोगों को समुद्र के पास जाने से बचने, आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है। चक्रवात की दिशा और तीव्रता में बदलाव के आधार पर आगे की चेतावनियां जारी की जा सकती हैं।

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