Samachar Nama
×

सीडब्ल्यूजी 2026: फाइनल में चोट के साथ उतरी थीं लवलीना बोरगोहेन; बाढ़ पीढ़ितों को समर्पित किया मेडल

सीडब्ल्यूजी 2026: फाइनल में चोट के साथ उतरी थीं लवलीना बोरगोहेन; बाढ़ पीढ़ितों को समर्पित किया मेडल
सीडब्ल्यूजी 2026: फाइनल में चोट के साथ उतरी थीं लवलीना बोरगोहेन; बाढ़ पीढ़ितों को समर्पित किया मेडल

नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में फाइनल बाउट हारकर सिल्वर मेडल से संतोष करने वालीं लवलीना बोरगोहेन ने खुलासा किया है कि उन्होंने फाइनल में घुटने की मामूली चोट के बावजूद मुकाबला किया। ओलंपिक मेडलिस्ट ने कहा कि दर्द को सहकर आगे बढ़ना एथलीट्स के सफर का एक हिस्सा है।

विमेंस 75 किग्रा वर्ग में लवलीना को सीधे सेमीफाइनल मैच में प्रवेश मिला था, जिसमें उन्होंने तुवालू की तरोना खानम बदी पसोनी ताफाकी को 5-0 से हराया, लेकिन फाइनल में लवलीना को ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री के हाथों 1-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी।

फाइनल मुकाबले के दौरान लवलीना का घुटना टेप से अच्छी तरह बंधा हुआ था, जिससे फैंस को उनकी शारीरिक स्थिति को लेकर चिंता हुई। हालांकि, भारतीय बॉक्सर ने इस बात को ज्यादा तवज्जो नहीं दी और कहा कि चोटों को संभालना प्रतिस्पर्धी बॉक्सिंग का एक आम हिस्सा है।

'बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया' की प्रेस कॉन्फ्रेंस में लवलीना ने बताया, "मेरे घुटने में मामूली चोट थी, लेकिन यह बॉक्सिंग का हिस्सा है। हर किसी को चोटों के बावजूद मुकाबला करना पड़ता है। दर्द की वजह से मैंने अपने घुटने पर टेप लगाया था। हमेशा इन चीजों के साथ खेलना पड़ता है। ऐसा ही होता आया है—हमें बस चोटों से उबरकर मुकाबला करना होता है।"

ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीतने के बाद, लवलीना मैरी कॉम और विजेंदर सिंह के बाद हर बड़े टूर्नामेंट में मेडल जीतने वाली तीसरी भारतीय बॉक्सर बन गईं।

लवलीना ने अपना सिल्वर मेडल बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किया और लोगों को तकलीफ में देखकर दुख जताते हुए कहा, "अभी असम में हालात बहुत मुश्किल हैं। अपने लोगों को इस हालत में देखकर बहुत बुरा लगता है। बाढ़ का असर पानी उतरने के बाद भी खत्म नहीं होता, और अभी तो यह खत्म भी नहीं हुआ है। मैं अपना सिल्वर मेडल बाढ़ पीड़ितों को समर्पित करना चाहती हूं और मुझे इस बात का भी बहुत अफसोस है कि इस मुश्किल समय में मैं असम में नहीं थी।"

कॉमनवेल्थ गेम्स में लवलीना की यह तीसरी भागीदारी थी और इस मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में मेडल के लिए उनका लंबा इंतजार खत्म हुआ। इससे पहले वह एशियन गेम्स में सिल्वर और टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में 69 किग्रा और 75 किग्रा वेट कैटेगरी में सफलता हासिल करते हुए एक गोल्ड और दो ब्रॉन्ज मेडल भी जीते हैं।

--आईएएनएस

आरएसी

Share this story

Tags