Samachar Nama
×

पानी पीने आए चीते को मगरमच्छ ने बनाया अपना शिकार

पानी पीने आए चीते को मगरमच्छ ने बनाया अपना शिकार

अक्सर देखा गया है कि मगरमच्छ सिर्फ इंसानों को ही नहीं, बल्कि जंगली जानवरों को भी खौफ खाते हैं। कई बार सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो देखने को मिलते हैं, जिसमें मगरमच्छ जंगली जानवरों का शिकार करते नजर आते हैं, खासकर तब जब जानवर पानी पीने आए हों। इन दिनों ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान और डर के मारे कांप उठते हैं।

वीडियो में एक विशालकाय मगरमच्छ पानी में छिपा हुआ है और पास के तालाब के किनारे पानी पीने आए एक चीते पर नजरें गड़ाए हुए है। शुरुआत में यह दृश्य सामान्य और शांत दिखाई देता है, लेकिन अगले ही पल मगरमच्छ चुपचाप छलांग मारकर चीते पर हमला कर देता है। वीडियो देखकर आसानी से समझा जा सकता है कि मगरमच्छों को क्यों ‘पानी का दैत्य’ कहा जाता है।

सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होते ही लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने लिखा कि यह देखकर जंगली जीवन की क्रूरता और प्राकृतिक नियम का अंदाजा लगाया जा सकता है। कुछ ने इसे देखकर कहा कि यह वन्यजीवों के संघर्ष और जीवित रहने की जंग को दर्शाता है। वहीं कुछ लोगों ने लिखा कि “यह वीडियो डरावना है, लेकिन यह प्रकृति की असली शक्ति और शिकारी के गुणों को दिखाता है।”

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि मगरमच्छ पानी में छिपकर शिकार करना अपनी प्राकृतिक रणनीति के रूप में अपनाते हैं। उन्होंने बताया कि तालाब, नदी और अन्य जलाशयों में जंगली जानवर अक्सर पानी पीने आते हैं, और यह मगरमच्छ के लिए सटीक शिकार का अवसर बन जाता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि जंगली इलाकों में सतर्कता बेहद जरूरी है, क्योंकि जानवर अपने प्राकृतिक वातावरण में कभी भी हमला कर सकते हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने यह भी दिखाया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स वन्यजीवों की अद्भुत और खतरनाक दुनिया को लोगों के सामने लाने का काम कर सकते हैं। लोग वीडियो देखकर न केवल मनोरंजन और डर का अनुभव कर रहे हैं, बल्कि वन्यजीवों के व्यवहार और प्रकृति के नियमों को भी समझ पा रहे हैं।

वीडियो देखने वाले कई लोग यह भी लिख रहे हैं कि मगरमच्छ और शिकार की इस रणनीति ने उन्हें प्रकृति के नियमों और जीवित रहने की जटिलता को समझने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक शिकारी का काम नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु के प्राकृतिक संघर्ष का प्रतीक है।

Share this story

Tags