अवैध संबंधों का विरोध करने पर सिपाही ने पत्नी को दी अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी, फिर...
अवैध संबंधों का विरोध करना एक महिला के लिए मानसिक उत्पीड़न का कारण बन गया, जब एक सिपाही पति ने उसे धमकाते हुए कथित रूप से कहा कि यदि उसने उसके निजी रिश्तों में दखल दिया तो वह उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर देगा। इस मामले के सामने आने के बाद विभागीय व्यवस्था तथा स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसके पति का किसी अन्य महिला से अवैध संबंध है। जब उसने इसका विरोध किया और संबंध खत्म करने को कहा, तो आरोपी पति, जो पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर तैनात है, आगबबूला हो गया। शिकायत के अनुसार, पति ने न केवल उसके साथ मारपीट की, बल्कि उसे धमकाते हुए कहा कि यदि उसने इस संबंध को सार्वजनिक किया या विरोध किया, तो वह उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर फैला देगा।
पीड़िता ने बताया कि उसके पति ने पारिवारिक रिश्तों को दबाव का साधन बनाते हुए बार-बार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और डराने–धमकाने की कोशिश की। महिला के अनुसार, आरोपी सिपाही उसके मोबाइल से निजी तस्वीरें प्राप्त कर चुका है और यही वजह है कि वह कई दिनों से भय और तनाव में जी रही थी। उसने बताया कि उसके पति का व्यवहार पिछले कुछ महीनों से संदिग्ध था और उसके विरोध करने पर वह और अधिक आक्रामक होता गया।
शिकायत मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने जांच शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी सिपाही के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जा सकती है जिसमें निलंबन से लेकर सेवा समाप्ति तक की कार्यवाही शामिल हो सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि इस प्रकार का आचरण पुलिस विभाग की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है और किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय महिला संगठनों ने भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठनों का कहना है कि किसी भी महिला को उसके निजी पलों को हथियार बनाकर धमकाना ना सिर्फ अपराध है, बल्कि यह डिजिटल उत्पीड़न के अंतर्गत आता है। उनका कहना है कि इस प्रकार की घटनाएँ महिलाओं को न सिर्फ मानसिक रूप से परेशान करती हैं बल्कि समाज में असुरक्षा भी बढ़ाती हैं। संगठनों ने पीड़िता को सुरक्षा और न्याय दिलाने की मांग की है।
वहीं, पीड़िता ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसे सुरक्षा प्रदान की जाए और आरोपी पति को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि वह आगे कोई और नुकसान न पहुँचा सके। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी सिपाही के विभाग में होने से उन्हें और अधिक खतरा महसूस हो रहा है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर पुलिस विभाग में अनुशासन और व्यक्तिगत आचरण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

