सोशल मीडिया पर इन दिनों अमेरिका के उप-राष्ट्रपति JD Vance को लेकर कई तरह के दावे वायरल हो रहे हैं, जिनमें ईरान वार्ता, हंगरी चुनाव और पोप से मुलाकात जैसी घटनाओं को जोड़कर अलग-अलग निष्कर्ष निकाले जा रहे हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि कहीं से नहीं हुई है।
वायरल पोस्ट्स में कहा जा रहा है कि एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्वकर्ता के रूप में वेंस ईरान पहुंचे थे, जहां वार्ता कथित तौर पर असफल हो गई। इसी तरह कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया कि इसके बाद वे हंगरी गए थे, जहां प्रधानमंत्री Viktor Orbán के समर्थन से जुड़ी गतिविधियों का प्रचार किया गया, लेकिन चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहे।
इसके अलावा सोशल मीडिया पर एक और दावा भी फैलाया जा रहा है कि वेंस की एक धार्मिक यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात पोप से हुई थी और इसके बाद पोप का निधन हो गया। यह दावा भी बिना किसी प्रमाण के तेजी से शेयर किया जा रहा है, जबकि ऐसी किसी भी घटना के बीच कोई आधिकारिक या विश्वसनीय संबंध सामने नहीं आया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की पोस्ट अक्सर सोशल मीडिया पर “कनेक्टेड नैरेटिव” के रूप में फैलती हैं, जहां अलग-अलग घटनाओं को जोड़कर एक गलत कहानी बनाई जाती है। यह डिजिटल गलत सूचना (misinformation) का एक सामान्य पैटर्न है।
फिलहाल किसी भी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी या आधिकारिक स्रोत ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है। इसलिए इन वायरल पोस्ट्स को लेकर सावधानी बरतने और बिना सत्यापन के इन्हें आगे न फैलाने की सलाह दी जा रही है।
सोशल मीडिया पर यह मामला चर्चा में बना हुआ है, लेकिन विशेषज्ञ लगातार यह स्पष्ट कर रहे हैं कि ऐसी संवेदनशील सूचनाओं को तथ्यों के आधार पर ही स्वीकार किया जाना चाहिए।

