बांकुड़ा में CJP कार्यकर्ता के पिता की मौत पर विवाद, वीडियो में जाने आशुतोष रांका ने BJP कार्यकर्ताओं पर लगाया मारपीट का आरोप
पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में एक व्यक्ति की मौत के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के नेता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया है कि पार्टी कार्यकर्ता शेख अब्दुल हफीज के पिता मफीक की मौत भाजपा कार्यकर्ताओं की कथित पिटाई के बाद हुई। CJP की टीम ने सोमवार को बांकुड़ा पहुंचकर मृतक के परिवार से मुलाकात की और मामले की जानकारी ली।
परिवार के मुताबिक, मफीक पर 13 अगस्त को हमला किया गया था। गंभीर हालत में रहने के बाद दो दिन बाद उनकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन नामजद आरोपी और पांच संदिग्ध बताए जा रहे हैं। पुलिस की जांच में हमले के कारणों और आरोपियों की भूमिका को लेकर पड़ताल जारी है।
परिवार का आरोप है कि मफीक CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से जुड़े हुए थे। इसी अभियान के तहत उन्होंने क्षेत्र के एक स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाया था। परिवार के अनुसार, वीडियो बनाए जाने के बाद उसी शाम कुछ हथियारबंद लोग उनके घर में घुस आए और मफीक के साथ मारपीट की।
CJP नेता आशुतोष रांका ने इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मफीक के परिवार को पहले से धमकियां मिल रही थीं, लेकिन शिकायत के बावजूद बंगाल पुलिस की ओर से पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई। रांका ने दावा किया कि यदि समय रहते पुलिस ने कार्रवाई की होती तो घटना को टाला जा सकता था।
रांका ने शेख अब्दुल हफीज को लेकर भी कई दावे किए। उनके मुताबिक, हफीज 18 जुलाई को एक प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर गया था। वहां से लौटने के बाद वह CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से जुड़ गया था। पार्टी नेता का आरोप है कि इसके बाद स्थानीय भाजपा विधायक निर्मल धारा और उनके समर्थकों की ओर से हफीज को कथित तौर पर धमकियां दी जाने लगीं।
CJP का आरोप है कि इसी राजनीतिक गतिविधि के चलते हफीज के परिवार को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, मामले में पुलिस की ओर से अब तक गिरफ्तार किए गए सभी आठ लोगों की भूमिका और हमले के पीछे वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
मफीक की मौत के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। CJP ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राजनीतिक विचारधारा या किसी अभियान से जुड़ाव के कारण किसी व्यक्ति को निशाना बनाया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मफीक पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें गिरफ्तार किए गए लोगों की क्या भूमिका थी। पुलिस द्वारा जुटाए जा रहे साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

