सोशल मीडिया और कुछ ऑनलाइन रिपोर्ट्स में एक “जोनाथन” नाम के व्यक्ति से जुड़ी कहानी वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित काल्पनिक कहानियों में इतना खो गया कि वह वास्तविकता से कटने लगा।
इस कथित मामले में कहा जा रहा है कि उसके पिता ने टेक कंपनी Google के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है, यह आरोप लगाते हुए कि AI सिस्टम ने उनके बेटे की मानसिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव डाला। हालांकि, इस तरह के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोप यह है कि AI चैटबॉट के साथ लंबे समय तक इंटरैक्शन के कारण व्यक्ति वास्तविक और काल्पनिक दुनिया के बीच अंतर करने में कठिनाई महसूस करने लगा। इसी आधार पर परिवार ने जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठाए हैं।
वहीं दूसरी ओर, Google की ओर से दिए गए बयान में कहा गया है कि उनके AI मॉडल किसी भी प्रकार की आत्महत्या या हानिकारक व्यवहार को बढ़ावा नहीं देते और सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुसार काम करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI टूल्स का अत्यधिक उपयोग, खासकर बिना संतुलन और निगरानी के, कुछ लोगों पर मानसिक प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, ऐसे मामलों में कारण-परिणाम को लेकर वैज्ञानिक और कानूनी स्तर पर स्पष्ट जांच जरूरी होती है।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और AI के उपयोग, उसकी सीमाओं और मानसिक स्वास्थ्य पर उसके प्रभाव को लेकर बहस फिर से तेज हो गई है।

