राहुल गांधी पर टिप्पणी को लेकर सियासी घमासान, भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत के बयान पर कांग्रेस का हंगामा
राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी को “पप्पू” कहे जाने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। इस टिप्पणी को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है।
जानकारी के अनुसार, भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी को लेकर विवादित टिप्पणी की। उनके इस बयान के सामने आते ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा नेताओं द्वारा बार-बार इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना विपक्षी नेताओं का अपमान करने और जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाने की कोशिश है।
कांग्रेस नेताओं ने इस बयान के विरोध में प्रदर्शन किया और भाजपा विधायक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां राजनीतिक स्तर को गिराती हैं और स्वस्थ लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं हैं। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता के अहंकार में विपक्ष के नेताओं के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रही है।
वहीं, भाजपा की ओर से इस मामले में अलग रुख देखने को मिला है। कुछ नेताओं ने इसे राजनीतिक टिप्पणी बताते हुए तूल न देने की बात कही, जबकि कुछ ने विधायक के बयान का बचाव भी किया। भाजपा समर्थकों का कहना है कि राजनीति में तीखी भाषा का इस्तेमाल कोई नई बात नहीं है।
इस पूरे विवाद पर राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनावी माहौल या राजनीतिक तनाव के समय इस तरह के बयान अक्सर सामने आते हैं, लेकिन इसका सीधा असर राजनीतिक संवाद की गुणवत्ता पर पड़ता है। व्यक्तिगत टिप्पणियां मुद्दों पर आधारित बहस को पीछे धकेल देती हैं।
फिलहाल, इस बयान को लेकर दोनों दल आमने-सामने हैं। कांग्रेस जहां इसे अपमानजनक और निंदनीय बता रही है, वहीं भाजपा इसे सामान्य राजनीतिक बयान करार दे रही है। अब देखना होगा कि यह मामला सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहता है या आगे और राजनीतिक टकराव का कारण बनता है।

