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कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और माणिकम टैगोर ने स्थगन प्रस्ताव का दिया नोटिस, दलबदल विरोधी कानून पर चर्चा की मांग की

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और माणिकम टैगोर ने स्थगन प्रस्ताव का दिया नोटिस, दलबदल विरोधी कानून पर चर्चा की मांग की
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और माणिकम टैगोर ने स्थगन प्रस्ताव का दिया नोटिस, दलबदल विरोधी कानून पर चर्चा की मांग की

नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और माणिकम टैगोर बी ने लोकसभा सचिव को पत्र लिखकर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। मनीष तिवारी ने नए दलबदल विरोधी कानून के स्वरूप पर चर्चा की मांग की है। वहीं, माणिकम टैगोर बी ने मंदिरों में दिए गए दान और कीमती सामान की कथित चोरी और गबन पर चर्चा करने की मांग की है।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा महासचिव को लिखे पत्र में कहा, "मैं तत्काल महत्व के एक निश्चित विषय पर चर्चा करने के उद्देश्य से सदन की कार्यवाही स्थगित करने का प्रस्ताव पेश करने की अनुमति मांगने के अपने इरादे की सूचना देता हूं। मेरा प्रस्ताव है कि यह सदन प्रश्नकाल, शून्यकाल और दिन के अन्य सभी निर्धारित कार्यों को स्थगित करे ताकि एक नए दल-बदल विरोधी कानून के स्वरूप पर चर्चा की जा सके। यह कानून अवसरवाद से प्रेरित और बिना किसी वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद के बड़े पैमाने पर होने वाले राजनीतिक दल-बदल को रोके और साथ ही संसद व विधानसभाओं के भीतर और बाहर ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति के लिए भी गुंजाइश रखे। इसलिए, मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि आज की कार्यवाही स्थगित की जाए और तत्काल महत्व के इस विषय पर पूरी चर्चा की अनुमति दी जाए।"

वहीं, माणिकम टैगोर बी लोकसभा महासचिव को लिखे पत्र में कहा, "मैं देश के मंदिरों में भक्तों द्वारा दिए गए दान और कीमती सामान की कथित चोरी, गबन और अनियमित प्रबंधन से जुड़े तत्काल सार्वजनिक महत्व के मामले पर चर्चा करने के लिए एक स्थगन प्रस्ताव की सूचना देता हूं। अयोध्या में राम मंदिर में दान और चढ़ावे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के बारे में हालिया खबरों ने भक्तों और आम जनता के बीच गंभीर चिंता पैदा कर दी है। खबरों के अनुसार, जांच में सुरक्षा और नकदी-गिनने की प्रक्रियाओं में बड़ी खामियों का पता चला है, जिससे जवाबदेही और निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।"

कांग्रेस सांसद ने टैगोर ने कहा, "पूरे भारत में मंदिरों को भक्तों से नकद, सोना, चांदी, गहने और दूसरी कीमती चीजों के रूप में भारी दान मिलता है। ऐसे चढ़ावे की चोरी या हेराफेरी न सिर्फ एक आर्थिक अपराध है, बल्कि यह जनता के भरोसे और धार्मिक भावनाओं का भी गंभीर उल्लंघन है। इसलिए, इस मामले पर सदन का तुरंत ध्यान दिया जाना चाहिए।"

माणिकम टैगोर बी ने कहा, "सरकार को ये बातें साफ करनी चाहिए कि मंदिर के दान और कीमती सामान की चोरी और हेराफेरी की कितनी घटनाएं सामने आई हैं? जिम्मेदार लोगों की जांच करने और यह पक्का करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं कि सभी दोषी लोगों पर, चाहे उनका पद कुछ भी हो, कानूनी कार्रवाई हो। बड़े मंदिरों में सीसीटीवी निगरानी, ​​सुरक्षा, ऑडिटिंग, कैश गिनने और इन्वेंट्री सिस्टम को मजबूत करने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं? क्या सरकार भक्तों के दान की ऑडिटिंग और सुरक्षा के लिए ज़्यादा मजबूत और पारदर्शी सिस्टम बनाने का इरादा रखती है? देश भर के दूसरे धार्मिक संस्थानों में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?" उन्होंने कहा, "मामले की गंभीरता और जनता के विश्वास व भरोसे पर इसके असर को देखते हुए, मैं अध्यक्ष से आग्रह करता हूं कि वे संबंधित नियमों के तहत निर्धारित कामकाज को स्थगित कर सदन में तत्काल चर्चा की अनुमति दें।"

--आईएएनएस

ओपी/पीएम

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