कांग्रेस राज के असम और आज के असम में कितना अंतर है: रूपम गोस्वामी
गुवाहाटी, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा नेता रूपम गोस्वामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उन लोगों के पास बोलने के लिए कुछ नहीं है। उत्तर गुवाहाटी के ब्रिज का हम लोगों ने शिलान्यास किया था और हम लोगों ने ही उद्घाटन किया।
रूपम गोस्वामी ने कहा कि कांग्रेस कन्फ्यूज है। इस बार कांग्रेस को नेता विपक्ष के तौर पर भी सम्मान नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि 2001 से 2015 तक 1010 बम धमाकों की घटनाएं हुई थीं। 471 दंगे हुए थे। उन्होंने कहां कि कांग्रेस के 10 साल के शासनकाल में कई नागरिकों की मौत हुई थी। लेकिन 2019 से अब तक किसी भी अप्रिय घटना में कोई मौत नहीं हुई है। यह भाजपा का शासन है।
रूपम गोस्वामी ने कहा कि आप लोगों ने महसूस किया होगा कि उस समय के असम और आज के असम में कितना अंतर है?
मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएस) को असम में चुनावी समर्थन मिलने की संभावना कम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के वोटरों की क्षेत्रीय भावनाएं किसी 'बाहरी' राजनीतिक दल के पक्ष में नहीं होंगी।
दुलियाजान में एक चुनावी अभियान के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए, मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि इस पार्टी की पहचान असम के लोगों से मेल नहीं खाती। उन्होंने कहा कि असम के लोग झारखंड मुक्ति मोर्चा को वोट नहीं देंगे। अगर इसका नाम 'असम मुक्ति मोर्चा' होता, तो बात कुछ और होती। यह टिप्पणी उन्होंने राज्य में इस पार्टी की मौजूदगी पर तंज कसते हुए की।
मुख्यमंत्री सरमा ने कांग्रेस से आग्रह किया कि वह अपने घोषणापत्र से जुबीन गर्ग के लिए 'न्याय' से जुड़े संदर्भों को हटा दे, और इस कदम को अनुचित और असंवेदनशील बताया। ये टिप्पणियां असम विधानसभा चुनाव से पहले तेज हो रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच आई हैं, जिसमें राजनीतिक दल अपने चुनावी मुद्दों को धार दे रहे हैं और वैचारिक तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विरोधियों को निशाना बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री सरमा ने दोहराया कि भाजपा आगामी चुनाव में मजबूत जनादेश हासिल करने को लेकर आश्वस्त है। उन्होंने इसके लिए पार्टी के विकास एजेंडे और जमीनी स्तर के वोटरों के साथ उसके जुड़ाव का हवाला दिया।
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