महाराष्ट्र : कांग्रेस नेता भाई जगताप के वीडियो को लेकर एफआईआर दर्ज
मुंबई, 1 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र साइबर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए एक कथित भड़काऊ वीडियो के मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला कांग्रेस नेता भाई जगताप के आधिकारिक एकाउंट पर साझा किए गए वीडियो से जुड़ा है। हालांकि वीडियो उनके अकाउंट से पोस्ट किया गया है, लेकिन एफआईआर अज्ञात आरोपी के खिलाफ दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि 31 जुलाई को दोपहर लगभग 2:00 बजे वह अपना सोशल मीडिया अकाउंट देख रहा था। उसी दौरान भाई जगताप के एक्स अकाउंट द्वारा प्रकाशित एक पोस्ट पर पड़ी। इस पोस्ट में एक वीडियो साझा किया गया है, जिसके कैप्शन में "दिल्ली पुलिस के सरकार पर गंभीर आरोप' लिखा गया है।
वीडियो में एक व्यक्ति, जिसे भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) का अधिकारी बताया गया है, यह कहते हुए दिखाई देता है, “मैं तत्काल प्रभाव से भारतीय पुलिस सेवा से अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं। सरकार मुझसे यह उम्मीद कर रही थी कि मैं प्रेस के सामने आकर सड़कों पर अपने हक की मांग कर रहे छात्रों के बारे में सरासर झूठ बोलूं। मुझसे कहा गया कि उन्हें अपराधी साबित करूं लेकिन मैं ऐसी किसी भी व्यवस्था का हिस्सा नहीं रह सकता जो मुझे सच बोलने से रोके और मासूम छात्रों को फंसाने के लिए मजबूर करे। ये छात्र कोई आतंकवादी नहीं हैं, ये हमारे देश का भविष्य हैं। मैंने पुलिस की नौकरी सच का साथ देने के लिए चुनी थी, झूठ बेचने के लिए नहीं। मैं सरकार के इस कृत्य का हिस्सा नहीं बन सकता। आज से मैं सरकार के साथ नहीं, बल्कि इन छात्रों के साथ हूं।"
शिकायतकर्ता के अनुसार, यह वीडियो एआई की मदद से तैयार किया गया फर्जी वीडियो है, जिसमें दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी की आवाज और संवाद में कृत्रिम रूप से बदलाव किया गया है।
इसके अलावा, दिल्ली पुलिस के पीआईबी (प्रेस सूचना ब्यूरो) ने 28 जुलाई 2026 को इस वीडियो की तथ्य जांच (फैक्ट चेक) कर इसे पूरी तरह फर्जी घोषित किया है। इसकी जानकारी पीआईबी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी सार्वजनिक की है। इसके बावजूद, उक्त वीडियो की सत्यता की जांच किए बिना भाई जगताप के एक्स अकाउंट से 30 जुलाई को शाम 6:09 बजे प्रसारित किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसका उद्देश्य समाज में भ्रम फैलाना, सरकार के विरुद्ध दुष्प्रचार करना तथा जनमानस में असंतोष और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न करना है।
महाराष्ट्र पुलिस के साइबर सेल ने डिजिटल साक्ष्य, अकाउंट की तकनीकी जानकारी और पोस्ट से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
--आईएएनएस
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