'निर्मल कुमार गंदी मानसिकता के व्यक्ति, टीवीके जवाबदेही से भाग रही', कांग्रेस नेता अलीम बुखारी का आरोप
चेन्नई, 12 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता अलीम अल बुखारी ने तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दोनों फासीवादी एजेंडे पर काम कर रही हैं और संघी मानसिकता से प्रेरित हैं।
उन्होंने टीवीके नेता निर्मल कुमार को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह आरएसएस मानसिकता वाली गंदी सोच के व्यक्ति हैं, जिसमें भाजपा से भी कम जवाबदेही है। निर्मल कुमार ने न सिर्फ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के परिवार पर अपमानजनक टिप्पणियां की हैं, बल्कि तमिलनाडु में बाढ़ के दौरान वियतनाम का फर्जी वीडियो चलाकर डीएमके सरकार को भी बदनाम करने की कोशिश की थी।
अलीम अल बुखारी ने टीवीके और भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, "यह फासीवादी लोगों का एजेंडा है। जैसा कि हमारे नेता प्रतिपक्ष ने बताया, संघियों का काम अनादर और अपमान करना है। भाजपा वाले कांग्रेस पर चिल्लाना शुरू कर देंगे और कहेंगे कि यह सब नेहरू की वजह से है। लेकिन, इतिहास बिल्कुल स्पष्ट है कि आजादी नेहरू और गांधीजी की वजह से मिली है। वे मुद्दे को भटकाने में काफी चालाक हैं। कहते हैं कि वह दूसरी कांग्रेस थी और यह दूसरी कांग्रेस है। यह संघी मानसिकता की कहानी है। यही हो रहा है। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि टीवीके, भाजपा और संघियों से भी ज्यादा बदतर है, क्योंकि उनमें कोई जवाबदेही नहीं है।"
बुखारी ने आगे कहा, "कम से कम भाजपा में कुछ जवाबदेही तो है, लेकिन टीवीके में बिल्कुल भी जवाबदेही नहीं है। सारे सबूत देने के बाद भी खासतौर पर मुझे निर्मल कुमार का जिक्र करना है, जो हमारे ही पार्टी के उन लोगों से डरते हैं जो एक्स अकाउंट पर खुद आगे बढ़कर काम कर रहे हैं। वे एक्स अकाउंट्स का इस्तेमाल करते हैं। निर्मल कुमार ने अपनी पुलिस को सिंगापुर, कनाडा, कुवैत और अन्य देशों में रहने वाले लोगों को करीब 30 समन भेजने का निर्देश दिया। वह उन लोगों से डरते हैं। जैसे हमारे मुख्यमंत्री (विजय) पूछताछ का समय रद्द कर देते हैं और फिर तैयार जवाब देने लगते हैं। हमारे मुख्यमंत्री किसी भी सवाल का खुद जवाब देने को तैयार नहीं हैं, लेकिन तैयार किए गए जवाबों के साथ वे ठीक हैं। निर्मल कुमार के साथ भी यही हो रहा है।"
कांग्रेस नेता ने कहा, "हमने लगातार सबूत पेश किए हैं, खासकर राज्यसभा में जो हुआ उसे लेकर। हमारे ही सांसद ने यह सवाल उठाना शुरू किया कि करुणानिधि को आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। उन्हें मीसा के तहत हिरासत में लिया गया था। दस दिन बीतने के बाद भी उनकी पत्नी को उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी गई। यह बात राज्यसभा के रिकॉर्ड में दर्ज है। निर्मल कुमार को अपनी आंखें खोलनी चाहिए। मुझे लोगों को यह समझाना है कि निर्मल कुमार असल में कौन है।"
--आईएएनएस
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