कांग्रेस ने उठाई सीईसी ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लिए गए गैरकानूनी फैसलों की समीक्षा की मांग
लखनऊ/दिल्ली/शिमला, 25 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जारी है। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि एसआईआर की आड़ में मतदाताओं के अधिकार प्रभावित किए जा रहे हैं।
लखनऊ में कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हरियाणा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार विधानसभा चुनावों के बाद वोट चोरी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने एसआईआर के जरिए वोटों को प्रभावित किए जाने की आशंका जताते हुए इसके समर्थन में सबूत भी पेश किए थे। उस समय केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था।
आराधना मिश्रा ने कहा कि अब चुनाव आयोग के तीन सदस्यीय ढांचे में दो सदस्यों की आपत्तियों और असहमति को लेकर सामने आई जानकारी से कांग्रेस के पुराने आरोपों पर फिर बहस शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों ने यह स्पष्ट किया है कि उनकी आपत्तियों को दरकिनार किया गया और उनकी चिंताओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इन घटनाक्रमों के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई सामने लाने के लिए संबंधित लोगों को जांच में सहयोग करना चाहिए। कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान में मिले मताधिकार की रक्षा के लिए अपना आंदोलन जारी रखेगी।
दिल्ली में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस करीब एक साल से वोट चोरी के मुद्दे को उठा रही है। लांबा ने कहा कि 14 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'वोट चोर, गद्दी छोड़ो' रैली आयोजित की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया था।
लांबा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेने की मांग करते हुए कहा कि 24 घंटे के भीतर इस्तीफा लिया जाना चाहिए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और उनके कार्यकाल में लिए गए गैरकानूनी फैसलों की समीक्षा की भी मांग की।
वहीं, शिमला में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के तीन सदस्यों में से दो द्वारा कथित तौर पर कई मौकों पर आपत्ति जताए जाने के बाद ज्ञानेश कुमार के पद पर बने रहने को लेकर सवाल उठते हैं।
विनय कुमार ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ FIR दर्ज करने तथा कानूनी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एसआईआर और चुनाव आयोग से जुड़े इन सवालों पर पारदर्शी जांच के जरिए स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
--आईएएनएस
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