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कांग्रेस ने भी बदला था 'मनरेगा' का नाम, पब्लिक के फीडबैक पर लाया गया 'जी-राम-जी' : अर्जुन राम मेघवाल (आईएएनएस साक्षात्कार)

नई दिल्ली, 7 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 24 घंटे कोर्ट खुले रहने के सीजेआई सूर्यकांत के फैसले पर कहा है कि विधायिक, कार्यपालिका और न्यायपालिका, ये तीनों अंग अपना दायित्व निभाते रहें, ये अच्छा संकेत है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। अर्जुन राम मेघवाल ने आईएएनएस से खास बातचीत की और कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है।
कांग्रेस ने भी बदला था 'मनरेगा' का नाम, पब्लिक के फीडबैक पर लाया गया 'जी-राम-जी' : अर्जुन राम मेघवाल (आईएएनएस साक्षात्कार)

नई दिल्ली, 7 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 24 घंटे कोर्ट खुले रहने के सीजेआई सूर्यकांत के फैसले पर कहा है कि विधायिक, कार्यपालिका और न्यायपालिका, ये तीनों अंग अपना दायित्व निभाते रहें, ये अच्छा संकेत है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। अर्जुन राम मेघवाल ने आईएएनएस से खास बातचीत की और कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है।

सवाल : सीजेआई सूर्यकांत ने कहा है कि अब 24 घंटे कोर्ट खुले रहेंगे, कानून मंत्री होने के नाते इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?

जवाब : विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका, ये तीनों अंग संवेदनशील बने रहें और अपना दायित्व निभाते रहें, यह अच्छा संकेत है। इससे 'विकसित भारत' की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। नागरिकों का जीवन आसान होगा।

सवाल : 'जी राम जी' बिल को लेकर कांग्रेस देश भर में प्रदर्शन कर रही है, वह इस बिल को स्वीकार क्यों नहीं कर पा रही?

जवाब : कांग्रेस के लोग सत्ता में रहते हुए और सत्ता से जाने के बाद जमीनी स्तर पर कितना गए? जिन राज्यों में वह शासन में हैं, अगर वे जमीन पर उतरते होंगे तो उन्हें भी फीडबैक मिलता होगा। मनरेगा में संशोधन के लिए फीडबैक जनता से मिला है। मैं खुद जब भी लोगों के बीच गया और मनरेगा पर बात हुई, तो संशोधन की मांग उठी। वे लोग मुझे कुछ कारण भी गिनाते थे। वे कहते थे कि जब खेती का मुख्य समय होता था, तो उन्हें बहुत दिक्कत होती थी। हमने इसमें सुधार किया है। इसके साथ ही वाटर सिक्योरिटी और पानी निकासी को हमने इस नए बिल में प्राथमिकता दी है, इससे गांव की स्थिति में सुधार होगा। जहां तक नाम बदलने का विषय है, सबसे पहले इस योजना का नाम 'जवाहर रोजगार योजना' था। इसे बदलकर इन्होंने 'नरेगा' किया और फिर 'मनरेगा' किया। इन्होंने भी तो नाम बदला था। योजनाओं के नाम स्थिति के अनुसार बदले जाते हैं। अब इस नई योजना से गांव की स्थिति में सुधार होगा। जिनको रोजगार नहीं मिलेगा, उन्हें हम भत्ता देंगे। भ्रष्टाचार को दूर करेंगे। 125 दिन रोजगार देने की गारंटी है। खेती के मौसम में भी लोग खेती के काम के लिए मौजूद रहेंगे। यह अच्छी योजना है, उन्हें तो समर्थन करना चाहिए।

सवाल : इसके बावजूद भी कांग्रेस प्रदर्शन कर ही रही है?

जवाब : पता नहीं, उनकी क्या सोच है। लोगों से मिली राय के अनुसार ही इसमें संशोधन किया गया है। लोगों की राय से संशोधन हुआ है तो ठीक ही हुआ है।

सवाल : वक्फ बिल लोकसभा से पास होने के बाद क्या कोई राज्य सरकार इसे अपने प्रदेश में रोक सकती है या खत्म कर सकती है?

जवाब : नहीं, ऐसा कोई नहीं कर सकता। हमारे संविधान में तीन सूचियां हैं, यूनियन, स्टेट और कंकरेंट लिस्ट। जो केंद्र सरकार ने कानून बनाया है, उसके ऊपर कोई भी राज्य सरकार कानून नहीं बना सकती। कुछ पार्टियां जो ऐसे दावे और वादे कर रही हैं, वे राजनीतिक कारणों से ऐसा कर रही हैं। यह लीगल नहीं है।

सवाल : नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी विदेश जाते हैं और देश की बुराई करते हैं, एक संवैधानिक पद पर होने के नाते क्या उन्हें ऐसा करना चाहिए?

जवाब : राहुल गांधी का पिछले कुछ सालों का रिकॉर्ड देखेंगे तो विदेश की धरती पर वह भारत की आलोचना करते हैं। वह एक कार्यक्रम आयोजित करवाते हैं, जिसमें कुछ बच्चे और प्रोफेसर शामिल होते हैं। इसमें वह भारत की संवैधानिक संस्थाओं चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट, सीबीआई, ईडी और कभी-कभी लोकतंत्र की भी आलोचना कर देते हैं। उन्हें यह शोभा नहीं देता। देश की जनता कांग्रेस को लगातार चुनाव हरा रही है, तो उन्हें सोचना चाहिए कि भाजपा की नीतियां ठीक हैं। देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। राहुल गांधी जो भी मुद्दा उठाते हैं, उस पर चर्चा से भाग जाते हैं। एसआईआर पर जब चर्चा हो रही थी, तब वह कहां थे? बिहार में उन्होंने एसआईआर का मुद्दा उठाया, तो जनता ने उन्हें अच्छा जवाब दिया। इसके बाद भी उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा है।

सवाल : तमिलनाडु में कानून व्यवस्था को लेकर आपका क्या मानना है?

जवाब : डीएमके की सरकार जिन वादों को लेकर सत्ता में आई, एक भी वादा पूरा नहीं कर पाई। गुड गवर्नेंस का वादा था, भ्रष्टाचार चरम पर है। डेवलपमेंट करने का वादा था, लेकिन सरकार भ्रष्टाचार और परिवारवाद में डूब गई। मुझे लगता है कि राज्यों में जितनी भी सरकारें हैं, उनमें सबसे भ्रष्ट डीएमके है। इस बार तमिलनाडु की जनता डीएमके सरकार को सबक सिखाएगी और फिर एनडीए की सरकार बनेगी। तमिलनाडु में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नयनार नागेंद्रन की पदयात्रा निकली थी। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और मैं भी शामिल हुआ था। वह रैली काफी शानदार थी।

सवाल : जेएनयू में पीएम मोदी के खिलाफ विवादित नारे लगाए गए?

जवाब : सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वागतयोग्य है। जेएनयू में जो नारे लगाए गए हैं, वे आपत्तिजनक हैं। जेएनयू प्रशासन उस पर अपना काम कर रहा है। लेकिन, कुछ तथ्य सामने रखता हूं कि कुछ लोग कहते हैं कि उसमें मुस्लिम थे, इसलिए इनको जमानत नहीं मिली। इसमें से 5 आरोपियों को जमानत मिली है, और वे भी मुस्लिम थे। न्यायपालिका कुछ फैसले करती है, चाहे सुप्रीम कोर्ट हो या हाईकोर्ट। अगर आपको फैसला सही नहीं लगता है, तो लीगल रेमेडी है, आपको लीगल रेमेडी में जाना चाहिए। जो इस तरह के नैरेटिव क्रिएट करने का प्रयास कर रहे हैं, वह लोकतंत्र में उचित नहीं है। इस मामले में जेएनयू प्रशासन काम कर रहा है। बाबा साहेब अंबेडकर कहकर गए हैं कि हमें संवैधानिक अधिकारों को लेकर सचेत रहना है और उसके तहत ही हमें काम करना है।

सवाल : कांग्रेस का कहना है कि आरोपी मुस्लिम हैं, इसलिए यह सब हो रहा है?

जवाब : कांग्रेस तुष्टिकरण की नीति पर जिंदा है, यही उनकी नीति का आधार है।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

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