दावा- वांगचुक की भूख हड़ताल खत्म कराने में कांग्रेस सांसद की अहम भूमिका, वीडियो में जाने सरकार से 3 दिन चली पर्दे के पीछे बातचीत
लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल खत्म कराने के पीछे कांग्रेस सांसद की अहम भूमिका होने का दावा सामने आया है। बताया जा रहा है कि वांगचुक को आंदोलन समाप्त करने के लिए मनाने और सरकार के साथ बातचीत का रास्ता तैयार करने में कांग्रेस सांसद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पूरे मामले में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच करीब तीन दिनों तक पर्दे के पीछे बातचीत चलती रही।
सूत्रों के मुताबिक, लगातार चल रहे आंदोलन और वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए कई स्तरों पर बातचीत शुरू की गई थी। सरकार की ओर से भी हालात को संभालने और समाधान निकालने की कोशिशें तेज की गईं। इसी दौरान कांग्रेस सांसद ने दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने में भूमिका निभाई।
भूख हड़ताल पर बैठे थे सोनम वांगचुक
लद्दाख के मुद्दों को लेकर सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल शुरू की थी। उनका आंदोलन क्षेत्र के लिए संवैधानिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों की मांगों को लेकर था। भूख हड़ताल के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने उनका समर्थन किया था।वांगचुक के आंदोलन को लेकर देशभर में चर्चा हो रही थी। उनकी सेहत को लेकर समर्थकों में चिंता बढ़ रही थी। इसी बीच सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई।
तीन दिन तक चली बातचीत
दावा किया जा रहा है कि वांगचुक की भूख हड़ताल खत्म कराने से पहले सरकार और संबंधित पक्षों के बीच लगातार तीन दिनों तक बातचीत चली। इस दौरान मांगों, आगे की प्रक्रिया और समाधान के संभावित रास्तों पर चर्चा की गई।कांग्रेस सांसद ने बातचीत को आगे बढ़ाने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। हालांकि, इस मामले में अभी तक सभी पक्षों की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
सरकार ने बातचीत का दिया भरोसा
आंदोलन खत्म होने के बाद सरकार की ओर से संकेत दिया गया कि लद्दाख से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी रखी जाएगी। केंद्र सरकार पहले भी कई बार कह चुकी है कि क्षेत्र के विकास और स्थानीय लोगों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाए जाएंगे।वहीं, वांगचुक और उनके समर्थकों का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य सिर्फ विरोध करना नहीं बल्कि लद्दाख के भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने सरकार से मांगों पर ठोस कदम उठाने की उम्मीद जताई है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
वांगचुक की भूख हड़ताल खत्म होने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद की भूमिका को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे संवाद की सकारात्मक पहल बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सभी की नजरें सरकार और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली आगामी बातचीत पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि वांगचुक की मांगों को लेकर सरकार की ओर से क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

