Samachar Nama
×

कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की कोई अहमियत नहीं, दरबारियों के सहारे चल रही पार्टी: रोहन गुप्ता

कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की कोई अहमियत नहीं, दरबारियों के सहारे चल रही पार्टी: रोहन गुप्ता
कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की कोई अहमियत नहीं, दरबारियों के सहारे चल रही पार्टी: रोहन गुप्ता

अहमदाबाद, 6 नवंबर (आईएएनएस)। भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कांग्रेस नेता इरफान अंसारी के विवादित बयान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल, कांग्रेस की हार को लेकर संजय सिंह की टिप्पणी और हिंदुत्व पर दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी में कार्यकर्ताओं की कोई अहमियत नहीं रह गई है। कांग्रेस दरबारियों के सहारे राजनीति कर रही है और जिस पार्टी में मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं होता, उसका भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता।

प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के कार्यकाल पर रोहन गुप्ता ने कहा कि विश्व में किसी भी राजनीतिक पद पर रहने वाले व्यक्ति के लिए लगातार अपनी पहचान बनाए रखना बड़ी उपलब्धि है। पीएम मोदी का 12 साल में चार बार टॉप फोर में रहना उनकी वैश्विक लोकप्रियता और कामकाज को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी की ख्याति केवल उनके नाम की वजह से नहीं, बल्कि उनके काम के कारण पूरी दुनिया में है। पिछले 12 वर्षों में धरातल पर हुए काम और देश की जनता के प्यार का ही परिणाम है कि भारत के नेता वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय देश की जनता को देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति लोगों का विश्वास और प्रेम ही उनकी लोकप्रियता का आधार है। उन्होंने कहा कि आंकड़े भी इस बात को प्रदर्शित करते हैं कि जनता का समर्थन उनके साथ है।

कांग्रेस की हार को लेकर संजय सिंह के बयान पर भाजपा नेता ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के रिश्तों पर तंज कसा। उन्होंने दोनों दलों को बिछड़े हुए भाई बताते हुए कहा कि इनके बीच कभी प्यार दिखाई देता है तो कभी तकरार। चुनाव के समय दोनों पार्टियां साथ नजर आती हैं, लेकिन विवाद होने पर एक-दूसरे के खिलाफ खड़ी हो जाती हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों दलों के नेता एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर घूम रहे थे और साथ होने का संदेश दे रहे थे। लेकिन आज वही नेता एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। पंजाब में दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं। इस तरह के बदलते राजनीतिक रुख से जनता का भरोसा कमजोर होता है। दोनों दलों के प्रदर्शन ने उनकी राजनीतिक हकीकत सामने ला दी है।

इरफान अंसारी के विवादित बयान पर रोहन गुप्ता ने कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता डराने-धमकाने और सत्ता परिवर्तन की मंशा से जुड़ी हुई है। देश की जनता ने ऐसे सभी मंसूबों को नाकाम कर दिया है। कांग्रेस को लगा था कि कुछ तत्वों के साथ मिलकर दूसरे देशों की तरह भारत में भी सत्ता परिवर्तन किया जा सकता है, लेकिन 140 करोड़ भारतीय लोकतंत्र का महत्व समझते हैं। संसद में जो कुछ नहीं कर पाए, उसे सड़क पर करने की कोशिश की गई, लेकिन जनता ने इसे विफल कर दिया। उन्होंने कहा कि सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस को पहले जनता का भरोसा जीतना होगा।

रोहन गुप्ता ने कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज की कांग्रेस दरबारी संस्कृति से घिरी हुई है और उसे जमीन पर मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं के दर्द की समझ नहीं है। नेहा बोरा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि युवा कार्यकर्ता पूरे साल पार्टी के लिए मेहनत करते हैं, लेकिन उन्हें उचित स्थान नहीं दिया जाता। इसके बजाय रैली में नहीं जाने जैसी बातों को लेकर उन्हें निष्कासित कर दिया जाता है। गुप्ता ने सवाल किया कि जब कार्यकर्ताओं को सम्मान और अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिलेगा, तो वे पार्टी के लिए काम क्यों करेंगे? कार्यकर्ताओं का अपमान कांग्रेस के लिए गंभीर समस्या है।

हिंदुत्व पर दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर भी गुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दिग्विजय सिंह के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि हिंदू धर्म, आतंकवाद और भगवा आतंकवाद को लेकर उनके बयानों से देश की जनता परिचित है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने भगवान राम को काल्पनिक बताया और सनातन से जुड़े मुद्दों पर चुप्पी साधी, उसके नेताओं को आज हिंदुत्व और सनातन धर्म पर बोलने का क्या अधिकार है? कांग्रेस नेताओं को अपनी राजनीति तक सीमित रहना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि सनातन का अपमान करने या उसे राजनीतिक निशाना बनाने पर जनता की प्रतिक्रिया और विरोध बढ़ता जाएगा।

--आईएएनएस

पीएसके

Share this story