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कांग्रेस के साथ गठबंधन करने वाले दलों को उठाना पड़ा है चुनावी नुकसान: कृष्ण हेगड़े

मुंबई, 15 जून (आईएएनएस)। शिवसेना के प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने कांग्रेस पार्टी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर इंदिरा गांधी अभी जीवित होतीं तो भाजपा पर प्रतिबंध लगा देतीं। कांग्रेस का इस समय जो हाल हो रहा है, वह विचार करने योग्य है।
कांग्रेस के साथ गठबंधन करने वाले दलों को उठाना पड़ा है चुनावी नुकसान: कृष्ण हेगड़े

मुंबई, 15 जून (आईएएनएस)। शिवसेना के प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने कांग्रेस पार्टी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर इंदिरा गांधी अभी जीवित होतीं तो भाजपा पर प्रतिबंध लगा देतीं। कांग्रेस का इस समय जो हाल हो रहा है, वह विचार करने योग्य है।

कृष्ण हेगड़े ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद नेताओं के बीच सम्मानजनक संबंध रहे हैं। कांग्रेस और राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर विपक्षी गठबंधन के भीतर भी एक राय नहीं है। कई दल कांग्रेस के साथ गठबंधन के बाद चुनावी नुकसान का सामना कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि आज जनता कांग्रेस को पसंद नहीं कर रही है। उनके साथ के ही नेता एक दूसरे के खिलाफ खड़े हो रहे हैं, जिससे इसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ रहा है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति बहुत खराब हो जाएगी।

महिला टी-20 विश्व कप में पाकिस्तान पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की 64 रन की शानदार जीत पर उन्होंने टीम को बधाई दी। विशेष रूप से कप्तान हरमनप्रीत कौर और मुख्य कोच अमोल मजूमदार के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जैसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाफ जीत हासिल करना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय महिला टीम इस बार भी विश्व कप जीतकर देश का नाम रोशन करेगी।

इसके अलावा शिवसेना के प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर चल रही चर्चाओं को पूरी तरह निराधार बताया। उनका कहना था कि ऐसा कोई अभियान अस्तित्व में ही नहीं था। उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठकों में उनके सभी सांसदों की उपस्थिति नहीं रही, जिससे उनके खेमे में आंतरिक असंतोष के संकेत मिलते हैं। जनता की सेवा के लिए जमीनी राजनीति आवश्यक है और इसी कारण महाराष्ट्र की जनता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा जता रही है।

शरद पवार पर उन्होंने कहा कि वे महाराष्ट्र के बड़े और अनुभवी नेता हैं तथा अपनी पार्टी के भविष्य को लेकर निर्णय लेने का अधिकार केवल उन्हीं के पास है। पिछले 27 वर्षों से अपनी पार्टी का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे शरद पवार के किसी अन्य दल में विलय करने की संभावना कम दिखाई देती है, हालांकि यदि वे एनडीए या शिवसेना के साथ जुड़ना चाहें तो उनका स्वागत किया जाएगा।

पिछले दिनों रामदास आठवले ने एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर शरद पवार को भाजपा से कोई दिक्कत है तो अपनी पार्टी का विलय रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) में भी कर सकते हैं।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी

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