कांग्रेस के सेक्युलरिज्म का नकाब हटा, 21वीं सदी की मुस्लिम लीग बन गई है : सुधांशु त्रिवेदी
नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। वंदे मातरम के संपूर्ण गायन को लेकर कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल के बयान पर भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी अब कट्टरपंथी ताकतों के दबाव में काम कर रही है। त्रिवेदी ने कांग्रेस को '21वीं सदी की मुस्लिम लीग' तक करार दिया और कहा कि वंदे मातरम के संपूर्ण गायन को लेकर पार्टी का रुख उसके राजनीतिक दृष्टिकोण को स्पष्ट करता है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि संसद द्वारा वंदे मातरम के संपूर्ण गायन को लेकर नियम पारित किए जाने के बावजूद कांग्रेस नेता की ओर से आपत्ति जताई जा रही है। कांग्रेस के सहयोगी दलों के नेताओं को संपूर्ण वंदे मातरम के गायन में अब कोई आपत्ति नहीं है। एनसीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता भी इसमें शामिल हो रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सहयोगी दल संपूर्ण गायन में शामिल हो रहे हैं तो कांग्रेस को इससे आपत्ति क्यों है। इसी आधार पर त्रिवेदी ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि पार्टी का 'सेक्युलरिज्म का नकाब' हट चुका है।
भाजपा सांसद ने केसी वेणुगोपाल के बयान में महात्मा गांधी, सरदार पटेल और राजेंद्र प्रसाद जैसे नेताओं के उल्लेख का हवाला देते हुए कांग्रेस से सवाल किया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस इन नेताओं के विचारों और विरासत की बात करती है तो उसे अपने शासन वाले केरल में भी इस विषय पर स्पष्ट रुख रखना चाहिए। केरल कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक राज्य रहा है और वहां पार्टी की सरकार होने के बावजूद वंदे मातरम की शुरुआती पंक्तियों को लेकर भी आपत्ति जताई जा रही है। उन्होंने इसे संविधान निर्माताओं के सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के उस तर्क पर भी सवाल उठाया, जिसमें संविधान निर्माताओं द्वारा तय व्यवस्था का हवाला दिया जा रहा है। उन्होंने पूछा कि यदि कांग्रेस का मानना है कि संविधान निर्माताओं ने जो व्यवस्था तय की, उसके बाद उसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं होना चाहिए, तो क्या पार्टी संविधान में समय-समय पर हुए संशोधनों के औचित्य पर भी सवाल उठा रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का मौजूदा रुख उसके पुराने राजनीतिक स्वरूप से अलग है। कांग्रेस अब कट्टरपंथी ताकतों के आगे झुक रही है। हालांकि ये उनके राजनीतिक आरोप हैं।
भाजपा सांसद ने वंदे मातरम को लेकर धार्मिक भावनाओं के तर्क पर भी कांग्रेस से जवाब मांगा। उन्होंने तमिलनाडु के राज्य गीत 'तमिल थाई वाझ्थु' का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें तमिल भाषा और तमिल मां के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है। त्रिवेदी ने सवाल किया कि यदि भारत को 'माता' मानकर वंदे मातरम कहना किसी की धार्मिक भावना को आहत करता है, तो क्या पार्टी को तमिलनाडु के राज्य गीत में 'तमिल मां' के सम्मान से भी कोई आपत्ति है। इस सवाल पर कांग्रेस को स्पष्ट रूप से अपना पक्ष रखना चाहिए। धार्मिक भावनाओं के नाम पर वंदे मातरम का विरोध करने का तर्क उचित नहीं है।
सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने पुराने धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक स्वरूप को छोड़ दिया है और अब वह कथित तौर पर कट्टरपंथी ताकतों के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने इसे कांग्रेस के मौजूदा राजनीतिक चरित्र का 'असली चेहरा' बताया। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं का नाम कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने अपने बयान में लिया है, उनकी राजनीतिक विरासत और आज की कांग्रेस के रुख में अंतर दिखाई देता है। कांग्रेस का वर्तमान स्वरूप उसके पुराने नेताओं के विचारों से मेल नहीं खाता और पार्टी लगातार तुष्टीकरण की राजनीति की ओर बढ़ रही है।
--आईएएनएस
पीएसके

