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हमेशा गरीबों के साथ खड़ी रही कांग्रेस : कुमारी शैलजा

सिरसा, 10 जनवरी (आईएएनएस)। विकसित भारत-जी राम जी कानून योजना का कांग्रेस विरोध कर रही है। सिरसा में कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि इस नए कानून के तहत केंद्र सरकार गरीब को और गरीब कर रही है, जबकि कांग्रेस के शासन में हमारी पार्टी हमेशा गरीबों के साथ खड़ी रही।
हमेशा गरीबों के साथ खड़ी रही कांग्रेस : कुमारी शैलजा

सिरसा, 10 जनवरी (आईएएनएस)। विकसित भारत-जी राम जी कानून योजना का कांग्रेस विरोध कर रही है। सिरसा में कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि इस नए कानून के तहत केंद्र सरकार गरीब को और गरीब कर रही है, जबकि कांग्रेस के शासन में हमारी पार्टी हमेशा गरीबों के साथ खड़ी रही।

सिरसा में कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा गरीबों के साथ खड़ी रही है, और आपने देखा है कि हमने ग्रामीण और गरीब लोगों को काम और अधिकार देने के लिए मनरेगा कैसे लागू किया? लेकिन इस सरकार ने वे अधिकार छीन लिए हैं। लोग काम करके अपनी रोजी-रोटी कमाना चाहते हैं, लेकिन गांवों में काम सीमित है। गरीबी से बचाने के लिए यूपीए की सरकार ने कानून बनाकर गरीबों को अधिकार दिया था, 100 दिन की गारंटी दी थी, जिसमें सारा पैसा केंद्र सरकार देगी। वर्तमान केंद्र सरकार ने यह अधिकार खत्म कर दिया। राज्यों को अब 40 फीसदी पैसा देना होगा। राज्यों के पास वैसे भी पैसा नहीं होता है, तो वे कैसे मजदूरों को पैसा देंगे?

उन्होंने कहा कि इस सरकार को गरीबों के बारे में चिंता नहीं है। गरीब और गरीब होता जाएगा।

उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा कि सिरसा में लोगों के सामने मनरेगा को कमजोर करने की सरकार की नीतियों को तथ्यात्मक रूप से सामने रखा गया। मनरेगा कांग्रेस सरकार द्वारा गरीबों और ग्रामीण परिवारों को दिया गया कानूनी अधिकार है। केंद्र सरकार ने पंचायतों की शक्तियां सीमित कर भुगतान व्यवस्था को बाधित कर इस अधिकार की आत्मा पर प्रहार किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मार्गदर्शन में कांग्रेस संसद से लेकर सड़क तक मनरेगा और गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करेगी।

कांग्रेस सांसद ने नशे को लेकर कहा कि नशा आज समाज के लिए सबसे बड़ा प्रकोप बन चुका है। मैंने इस गंभीर विषय को संसद में बार-बार उठाया है और जिला स्तर की दिशा की बैठकों में भी यह विषय लगातार रखा है। सिरसा सहित अनेक क्षेत्रों में हाल की घटनाएं सरकार की उदासीनता को उजागर करती हैं। आवश्यकता इस बात की है कि सरकार छोटे लोगों को पकड़ने तक सीमित न रहे, बल्कि नशे के कारोबार में शामिल बड़ी मछलियों के खिलाफ ठोस और ईमानदार अभियान चलाए। नशे के शिकार लोगों को उपचार और पुनर्वास मिले तथा नशे के धंधे और उससे जुड़े नेक्सस को जड़ से समाप्त किया जाए। गांव-गांव, शहरों, बस्तियों और कॉलेजों में नशा प्रशासन की नाक के नीचे फैल रहा है। सवाल स्पष्ट है कि सख्ती क्यों नहीं हो रही, मिलीभगत किसकी है और सरकार की गंभीरता कहां है।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी

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