कॉमनवेल्थ खेलों में भारत के प्रदर्शन पर गर्व, लेकिन कई खेलों को बाहर करना चिंता का विषय: श्रेयसी सिंह
पटना, 2 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के लगातार बेहतर प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए इसे पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। साथ ही उन्होंने उन खेलों को कॉमनवेल्थ गेम्स से बाहर किए जाने पर चिंता व्यक्त की, जिनमें भारत वर्षों से शानदार प्रदर्शन करता रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी पहल करनी चाहिए।
श्रेयसी सिंह ने रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भारत की पदक तालिका लगातार मजबूत हो रही है और यह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी हर बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं, लेकिन अफसोस की बात यह है कि शूटिंग जैसे खेल, जिनमें भारत ने हमेशा शानदार प्रदर्शन किया है, अब कॉमनवेल्थ गेम्स का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कई अन्य खेल भी धीरे-धीरे प्रतियोगिता से बाहर किए जा रहे हैं, जिससे भारत जैसे देशों के खिलाड़ियों के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं के समक्ष भारत को इस विषय को मजबूती से उठाना चाहिए, ताकि उन खेलों को फिर से प्रतियोगिता में शामिल कराया जा सके, जिनमें दुनिया के कई देशों के खिलाड़ी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। उनका कहना है कि खिलाड़ियों को समान अवसर मिलना चाहिए और खेलों के चयन में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
श्रेयसी सिंह ने बताया कि हाल ही में भारत मंडपम में आयोजित स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर एंड फिटनेस कॉन्क्लेव में बिहार का भी पवेलियन लगाया गया था, जिसका उद्घाटन केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने किया। इस दौरान बिहार में खेल अवसंरचना को मजबूत बनाने और खेल उपकरण निर्माण उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि कई निवेशकों और उद्योग समूहों ने बिहार में खेल उपकरण निर्माण इकाइयां स्थापित करने में रुचि दिखाई है। राज्य सरकार उन्हें सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराएगी, ताकि खेल और उद्योग दोनों क्षेत्रों का विकास एक साथ हो सके। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और बिहार खेल उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।
खेल मंत्री ने बताया कि खेल विभाग की टीम ने हाल ही में ओडिशा का अध्ययन दौरा किया, जहां की खेल नीति, प्रशिक्षण व्यवस्था और आधुनिक खेल परिसरों का गहन अध्ययन किया गया। उसी अनुभव के आधार पर बिहार की नई खेल नीति तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस नीति के तहत पंचायत स्तर से लेकर जिला, राज्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक स्टेडियम, कोचिंग, खेल विज्ञान और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल खिलाड़ियों को तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसा मजबूत खेल तंत्र विकसित करना है, जिससे बिहार के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर सकें। नई खेल नीति में प्रतिभाओं की पहचान, ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहन तथा खेल अवसंरचना के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे बिहार आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख खेल राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
--आईएएनएस
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