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कॉकरोच जनता पार्टी चीफ अभिजीत दीपके बोले- सौरव दास और आशुतोष रांका का जेल जाना गांधीवादी सत्याग्रह, वीडियो में समर्थकों से कहा- नफरत को हावी न होने दें

कॉकरोच जनता पार्टी चीफ अभिजीत दीपके बोले- सौरव दास और आशुतोष रांका का जेल जाना गांधीवादी सत्याग्रह, वीडियो में समर्थकों से कहा- नफरत को हावी न होने दें

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने मंगलवार को वीडियो संदेश जारी कर अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने पार्टी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा कि समर्थक नफरत को खुद पर हावी न होने दें। आंदोलन को शांति और प्रेम के रास्ते पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। दीपके ने भारत में हो रहे प्रदर्शनों की तुलना नेपाल और बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के दौरान हुए हिंसक आंदोलनों से करने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत में चल रहे आंदोलन की तुलना हिंसक सत्ता बदलाव से नहीं की जा सकती।

'सौरव और आशुतोष का जेल जाना गांधीवादी सत्याग्रह'

अभिजीत दीपके ने 'मैसेज टू ऑल कॉकरोचेस' शीर्षक से वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोनों नेताओं का शांतिपूर्वक जेल जाना गांधीवादी सत्याग्रह का उदाहरण है। दीपके के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रांका मुस्कुते हुए जेल गए। उनके मन में गुस्सा या नफरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि दोनों को पता था कि उन्हें कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से जेल भेजा जा रहा है, इसके बावजूद उन्होंने विरोध का रास्ता शांतिपूर्ण रखा।CJP प्रमुख ने समर्थकों से अपील की कि वे इस घटना के बाद भावनाओं में बहकर कोई ऐसा कदम न उठाएं, जिससे आंदोलन की दिशा प्रभावित हो। उन्होंने शांति और प्रेम के रास्ते पर चलते रहने को आंदोलन की ताकत बताया।

नेपाल और बांग्लादेश के आंदोलनों से तुलना पर जताई आपत्ति

दीपके ने भारत में हो रहे प्रदर्शनों की तुलना नेपाल और बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शनों से करने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि दोनों परिस्थितियों को एक जैसा नहीं माना जा सकता।उन्होंने फ्रांस में हुए हिंसक युवा दंगों का भी जिक्र किया। दीपके ने कहा कि जो लोग लगातार फ्रांस की घटनाओं का उदाहरण देकर भारत के आंदोलनों पर सवाल उठाते हैं, उन्हें भारत में हो रही घटनाओं को भी देखना चाहिए।उनका कहना था कि CJP का आंदोलन हिंसा के रास्ते पर नहीं चल रहा है। पार्टी के नेताओं की गिरफ्तारी के बावजूद समर्थकों से शांत रहने की अपील इसी संदेश का हिस्सा है।

'हमने हिंसा का रास्ता नहीं चुना'

वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने अपने आंदोलन के लिए हिंसा का रास्ता नहीं चुना है। उन्होंने कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका का व्यवहार दिखाता है कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से भी किया जा सकता है।दीपके ने महात्मा गांधी के सत्याग्रह का उदाहरण देते हुए कहा कि गांधीजी भी आंदोलन के दौरान जेल जाते समय शांति का रास्ता अपनाते थे। उनके मुताबिक, CJP का आंदोलन भी इसी विचार से प्रेरित है।उन्होंने समर्थकों को संदेश दिया कि किसी भी परिस्थिति में नफरत को अपने ऊपर हावी न होने दें। आंदोलन में शामिल लोगों को धैर्य और संयम बनाए रखना चाहिए।

गिरफ्तारी के बाद समर्थकों को दिया शांति का संदेश

सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के बाद अभिजीत दीपके का यह वीडियो संदेश सामने आया है। इसमें उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखें और किसी भी तरह की हिंसक प्रतिक्रिया से बचें।दीपके ने कहा कि भारत में हो रहे प्रदर्शनों को नेपाल और बांग्लादेश के हिंसक सत्ता परिवर्तन वाले आंदोलनों के साथ जोड़कर देखना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, शांतिपूर्ण विरोध और हिंसक आंदोलन के बीच अंतर समझना जरूरी है।CJP प्रमुख के इस संदेश का मुख्य उद्देश्य समर्थकों को संयम बनाए रखने और आंदोलन को शांति तथा प्रेम के रास्ते पर आगे बढ़ाने की अपील करना था।

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