सीएम योगी बोले- 'जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनने की संस्कृति को गति दे रहा यूपी', स्टार्टअप नीति का करेंगे विमोचन
लखनऊ, 27 अगस्त (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप इकोसिस्टम इवेंट 2026 आयोजित किया जाएगा। योगी सरकार की ओर से प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स और इकोसिस्टम से जुड़े विभिन्न हितधारक शामिल होंगे। इस कार्यक्रम से पहले सीएम योगी ने कहा कि युवाओं के आइडिया को अवसर, इनोवेशन को प्रोत्साहन और स्टार्टअप को सामर्थ्य देकर उत्तर प्रदेश आज 'जॉब सीकर' से 'जॉब क्रिएटर' बनने की नई संस्कृति को गति दे रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "युवाओं के आइडिया को अवसर, इनोवेशन को प्रोत्साहन और स्टार्टअप को सामर्थ्य देकर उत्तर प्रदेश आज 'जॉब सीकर' से 'जॉब क्रिएटर' बनने की नई संस्कृति को गति दे रहा है। आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति के अंतर्गत 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपए से अधिक और 9 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि का वितरण होगा।"
साथ ही, मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि 'उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026' पुस्तिका का विमोचन और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन पोर्टल का शुभारंभ भी होगा। उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में कहा कि नए विचार से नए उद्यम और नए उद्यम से नए रोजगार, यही 'नए उत्तर प्रदेश' की नई पहचान है।
कार्यक्रम की शुरुआत आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार का स्वागत उद्बोधन और विभागीय मंत्री सुनील कुमार शर्मा का विशेष संबोधन होगा। मुख्यमंत्री योगी का मुख्य संबोधन भी प्रस्तावित है। कार्यक्रम में प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम के मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर्स, विभिन्न समितियों के सदस्य, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रतिनिधि और सिडबी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 के साथ नए प्रोत्साहनों और संस्थागत व्यवस्था का विस्तार किया है। वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप पंजीकृत थे, जबकि अब डीपीआईटी की ओर से सत्यापित स्टार्टअप्स की संख्या बढ़कर 24,243 और इनक्यूबेटर्स की संख्या 88 हो गई है।
नई नीति के तहत स्टार्टअप्स को 20 हजार रुपए प्रतिमाह निर्वाह भत्ता, 10 लाख रुपए तक प्रोटोटाइप अनुदान और 15 लाख रुपए तक सीड अनुदान मिलेगा। निवेश के अनुरूप 5 करोड़ रुपए तक समतुल्य अनुदान और 2 करोड़ रुपए तक के ऋण पर 4 प्रतिशत ब्याज सहायता का भी प्रावधान है। डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए 40 करोड़ रुपए तक दीर्घकालिक पूंजी की व्यवस्था की गई है। लखनऊ और नोएडा में डीप-टेक यू-हब स्थापित किए जाएंगे।
--आईएएनएस
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