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सीएम रेखा गुप्ता ने 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' का किया शुभारंभ, लाभार्थी महिलाएं बोलीं- अब हम भी आजाद

सीएम रेखा गुप्ता ने 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' का किया शुभारंभ, लाभार्थी महिलाएं बोलीं- अब हम भी आजाद
सीएम रेखा गुप्ता ने 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' का किया शुभारंभ, लाभार्थी महिलाएं बोलीं- अब हम भी आजाद

नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' का बुधवार को शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हजारों महिलाओं को स्वीकृति पत्र वितरित किए और योजना के तहत मिलने वाली 2,500 रुपये की मासिक सहायता राशि को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की।

योजना की लाभार्थी महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। एक लाभार्थी महिला ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, "मैं बहुत खुश हूं। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। रक्षाबंधन से पहले इससे मुझे बहुत बड़ी आर्थिक मदद मिली है।"

एक अन्य लाभार्थी ने इसे महिला स्वतंत्रता का प्रतीक बताते हुए कहा, "गृहिणी के लिए 15 अगस्त और 26 जनवरी अब आया है। अभी तक सिर्फ कमाने वाले आजाद थे, अब हम लोग भी आजाद हैं। इससे हमें काफी आर्थिक मदद मिलेगी।"

वहीं, इस मौके पर भाजपा विधायक अनिल गोयल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "आज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हजारों महिलाओं को सर्टिफिकेट दिया और अब 2,500 रुपए की मासिक सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए भेजी जाएगी। यह चुनाव के दौरान दी गई 'मोदी गारंटी' थी, जब दिल्ली में सरकार बन रही थी, और आज वह गारंटी पूरी हो रही है। इससे साबित हो गया है कि भाजपा की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। आज हजारों महिलाओं को सर्टिफिकेट दिया गया और रक्षाबंधन पर बची हुई महिलाओं, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया है, के खाते में 2500 रुपये पहुंच जाएंगे।"

गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी थी कि दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को स्वीकृति पत्र मिलेंगे और 1 सितंबर से हर महीने 2,500 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचेंगे, जो जरूरतों का संबल बनेंगे, सपनों को नई हिम्मत देंगे और दिल्ली की बहनों को अपने फैसले आत्मविश्वास के साथ लेने की शक्ति देंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस योजना को अभूतपूर्व उत्साह मिल रहा है, जो अपने आप में बहुत कुछ कहता है। लाखों महिलाएं पहले ही पंजीकरण करा चुकी हैं और बड़ी संख्या में बहनें लगातार इस सशक्तीकरण की यात्रा से जुड़ रही हैं।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस

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