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'सीएम मान को बुलाकर कहें, दारू छोड़ो या कुर्सी', पंजाब के राज्यपाल से भाजपा नेताओं ने की मांग

चंडीगढ़, 3 मई (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित तौर पर शराब पीकर विधानसभा जाने पर राजनीति तेज है। रविवार को पंजाब भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री भगवंत मान को बुलाकर उन्हें कहें कि या तो दारू छोड़ें, नहीं तो कुर्सी छोड़ें।
'सीएम मान को बुलाकर कहें, दारू छोड़ो या कुर्सी', पंजाब के राज्यपाल से भाजपा नेताओं ने की मांग

चंडीगढ़, 3 मई (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित तौर पर शराब पीकर विधानसभा जाने पर राजनीति तेज है। रविवार को पंजाब भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री भगवंत मान को बुलाकर उन्हें कहें कि या तो दारू छोड़ें, नहीं तो कुर्सी छोड़ें।

पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "रविवार को भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यपाल से मुलाकात की और उनसे मांग की कि वे मुख्यमंत्री भगवंत मान जी को बुलाकर उन्हें कहें कि या तो दारू छोड़ें नहीं तो कुर्सी छोड़ें।"

राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में भाजपा ने लिखा, "हम आपको पंजाब राज्य में हो रही कुछ परेशान करने वाली घटनाओं के बारे में गहरी चिंता व्यक्त करने के लिए लिख रहे हैं। ये घटनाएं शासन व्यवस्था, संवैधानिक मर्यादा और राज्य की समग्र सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।"

विधानसभा में मुख्यमंत्री के आचरण का जिक्र करते हुए भाजपा ने लिखा, "सार्वजनिक रूप से इस पर चर्चा हुई है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब विधानसभा के पहले सत्र में नशे की हालत में शामिल हुए थे। जिस तरह से उन्होंने विधानसभा के भीतर और सदन के बाहर पत्रकारों को संबोधित किया, उससे यह साफ जाहिर होता है कि वे नशे में थे। ऐसा आचरण सदन की गरिमा का अपमान है और यह लोकतांत्रिक संस्थाओं की पवित्रता को कमजोर करता है।"

पार्टी ने लिखा, "पंजाब एक संवेदनशील सीमावर्ती राज्य है, जिसे आंतरिक और बाहरी, दोनों तरह की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे राज्य के नेतृत्व के लिए अत्यंत जिम्मेदारी, सतर्कता और अनुशासन की जरूरत होती है। आम जनता के बीच यह धारणा तेजी से बन रही है कि मुख्यमंत्री शासन-प्रशासन के महत्वपूर्ण समय के दौरान अक्सर शराब के नशे में रहते हैं। यह स्थिति उनके संवैधानिक कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने की उनकी क्षमता पर गंभीर चिंताएं पैदा करती है।"

भाजपा ने राज्यपाल से मांग की कि वे इस मामले में उचित स्पष्टीकरण मांगें और संवैधानिक अखंडता व जनता के विश्वास को बनाए रखने के हित में जरूरी कार्रवाई की अनुशंसा करें, जिसमें मुख्यमंत्री को पद से हटाने पर विचार करना भी शामिल है।

--आईएएनएस

डीसीएच/

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