वित्त मंत्री के संग सीएम हिमंत बिस्वा ने साझा की तस्वीर, लिखा-बजट के लिए तैयार है टीम असम
गुवाहाटी, 10 जुलाई (आईएएनएस)। असम विधानसभा के 16वें कार्यकाल के बजट सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को राज्य का वर्ष 2026-27 का पूर्ण बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री जयंत मल्लबरुवा मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट विधानसभा में प्रस्तुत करेंगे।
असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता सरमा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक फोटो साझा की है, जिसमें वो असम के वित्त मंत्री जयंत मल्लबरुवा और अधिकारियों के साथ खड़े नजर आ रहै है। इसमें उन्होंने लिखा है कि टीम असम, असम बजट 2026 पेश करने के लिए तैयार है। इस बजट पर आम जनता, उद्योग जगत, किसानों और युवाओं की खास नजर रहेगी क्योंकि इससे सरकार की आगामी आर्थिक और विकास संबंधी प्राथमिकताओं की स्पष्ट रूपरेखा सामने आएगी।
वहीं, विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने केवल वोट-ऑन-अकाउंट पेश किया था। अब लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए मजबूत जनादेश मिलने के बाद सरकार के पास अपना व्यापक वित्तीय विजन पेश करने का अवसर है। माना जा रहा है कि बजट में असम को पूर्वोत्तर भारत के औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की जा सकती हैं।
इसके साथ ही बजट में औद्योगिक विकास पर प्रमुख फोकस रहने की संभावना है। हाल के वर्षों में असम ने सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और पेट्रोकेमिकल्स जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश आकर्षित किए हैं। ऐसे में सरकार इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए नई प्रोत्साहन योजनाओं, बेहतर बुनियादी ढांचे और कारोबार को आसान बनाने वाले सुधारों की घोषणा कर सकती है।
रोजगार सृजन को भी बजट में विशेष महत्व मिलने की उम्मीद है। सरकार कौशल विकास कार्यक्रमों, उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं और रोजगार आधारित प्रोत्साहनों के जरिए युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने पर जोर दे सकती है। इसके साथ ही पारंपरिक उद्योगों, विशेषकर हैंडलूम और हस्तशिल्प क्षेत्र को वित्तीय सहायता, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी नई पहल की संभावना है।
कृषि क्षेत्र के लिए सिंचाई, कृषि मशीनीकरण, फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन और बाजार संपर्क बढ़ाने से जुड़ी योजनाओं की घोषणा की जा सकती है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त प्रावधान कर सकती है।
वहीं, महिलाओं, विद्यार्थियों, किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए संचालित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) आधारित कल्याणकारी योजनाओं को और मजबूत किए जाने की भी संभावना है।
--आईएएनएस
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