सीएम डीके शिवकुमार ने जिला प्रशासन को सूखे से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया, कहा-लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बेंगलुरु, 19 जुलाई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सूखे से निपटने के लिए रविवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों से कहा, "आपकी लापरवाही की वजह से किसी भी किसान को परेशानी नहीं होनी चाहिए। किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
रविवार को विधान सौधा में राज्य के सूखा-प्रभावित जिलों के मुद्दों पर चर्चा के लिए डीसी (डिप्टी कमिश्नर) के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मीटिंग में मुख्यमंत्री ने कहा कि "पीने का पानी, जानवरों के लिए चारा, फसल के नुकसान का बीमा और राज्य के ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या को कम करने के लिए बोरवेल खोदना हमारी मुख्य प्राथमिकताएं हैं।"
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, "यह बहुत महत्वपूर्ण बैठक है। आने वाले दिनों में हमें सूखे से पैदा होने वाले किसी भी संकट से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। हम यहां सिर्फ कागजी कार्रवाई देखने के लिए नहीं हैं। सभी डेटा और आंकड़ों की जमीनी हकीकत से जांच की जाएगी। इसलिए बिना पुष्टि किए सिर्फ आंकड़े न दें।"
मुख्यंमत्री ने अधिकारियों से कहा, “हमारी सरकार इस दौरान खेती-बाड़ी के क्षेत्र, खासकर कर्नाटक के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की मदद के लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रही है। कर्नाटक में बारिश की भारी कमी है। बुआई का काम 32 प्रतिशत ही हुआ है। पांच-छह जिलों को छोड़कर, लगभग 82 प्रतिशत जिलों में बारिश की कमी है।”
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “जलाशयों में पानी का स्तर 'डेड स्टोरेज' (न्यूनतम स्तर) तक पहुंच गया है, इसलिए पीने का पानी हमारी प्राथमिकता है। अधिकारियों को खेतों में जाकर स्थिति का जायजा लेना चाहिए। किसी भी गड़बड़ी या गलत काम से सख्ती से निपटा जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। बोरवेल की डुप्लीकेट बिलिंग या पहले से खोदे गए बोरवेल के लिए नए बिल बनाने जैसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग, ऊर्जा विभाग, कृषि एवं प्रजनन आयोग (आरडीपीआर) और जल संसाधन विभाग को सूखे से उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की समितियां निरीक्षण के लिए आपके क्षेत्रों का दौरा करेंगी। आपको तथ्यों और आंकड़ों के साथ पूरी तरह तैयार रहना चाहिए और उन्हें प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना चाहिए।"
बैठक में उपमुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर, मंत्री के.जे. जॉर्ज, रामलिंगा रेड्डी, ईश्वर खंड्रे और यतींद्र सिद्धारमैया, मुख्य सचिव डॉ. शालिनी रजनीश, मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार एल.के. अतीक, अतिरिक्त मुख्य सचिव तुषार गिरिनाथ और गौरव गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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