सीजेपी प्रोटेस्ट पर भड़के निरुपम बोले-शिवाजी पार्क में प्रतिबंध के बावजूद कानून तोड़ा, आयोजकों पर केस दर्ज करने की मांग
मुंबई, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने गुजरात में यूसीसी बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने का स्वागत करते हुए पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की वकालत की। इसके साथ ही शिवाजी पार्क में प्रतिबंध के बावजूद हुए सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को कानून का उल्लंघन बताते हुए आयोजकों और भीड़ पर केस दर्ज करने की मांग की है।
शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा, "भारत का राष्ट्र धर्म हिंदू धर्म है। यह आज से नहीं, बल्कि 5,000 साल से है। धर्म की यह परंपरा चली आ रही है और इसी धर्म की परंपरा से हमारा देश और संस्कृति बने हैं। जब-जब हमारा धर्म कमजोर हुआ, जब-जब हिंदू कमजोर हुए, भारत को लूटा गया, भारत को तोड़ा गया और भारत को तबाह और बर्बाद किया गया। इसलिए अगर पूरे भारत को सुरक्षित रखना है, अगर देश को संकट से मुक्त रखना है और अगर भारत के सभी नागरिकों को सुरक्षित रखना है तो यह बहुत जरूरी है कि हमारा धर्म भी पूरी मजबूती के साथ खड़ा रहे और इसकी सुरक्षा के साथ कोई छेड़छाड़ न हो।"
गुजरात के यूसीसी बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर शिवसेना के प्रवक्ता ने कहा कि भारत में एक यूनिफॉर्म सिविल कोड होना चाहिए। आप किसी भी धर्म के हों, आपकी शादी, तलाक, विरासत में प्रॉपर्टी मिलना यानी विरासत का मामला और गोद लेने का विषय बच्चे को गोद लेने की प्रथा। इन चार या पांच विषयों पर एक जैसा कानून होना चाहिए और इसी वजह से यूसीसी बनाया जा रहा है। गुजरात असेंबली से पास हुए यूसीसी को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। इसका मतलब है कि अब गुजरात में एक यूनिफॉर्म सिविल कोड शामिल हो गया है।
सीजेपी प्रोटेस्ट को लेकर उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में किसी भी प्रकार की सभा, मीटिंग या विरोध प्रदर्शन करने से मना किया था। कॉकरोच जनता पार्टी को शिवाजी पार्क में किसी भी प्रकार की सभा करने से मना किया गया था, बावजूद इसके उन्होंने कानून का उल्लंघन करते हुए अपने कई फॉलोअर्स को बुलाया और बहुत सारे लोग वहां जमा हुए।
उन्होंने कहा कि इस आधार पर सबसे पहला केस तो कॉकरोच जनता पार्टी के जो मुख्य चार-पांच नेता हैं, उनके ऊपर बनता है, क्योंकि उन्होंने कानून तोड़ने के लिए सबको उकसाया। इसके अलावा जो लोग भी आए थे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
संजय निरुपम ने कहा कि वहां पर आप महज एक संवैधानिक प्रावधान के आधार पर अपनी बात कहने के लिए जमा नहीं हो सकते। सरकार ने, पुलिस ने आजाद मैदान का क्षेत्र इस प्रकार के विरोध प्रदर्शनों के लिए मुकर्रर कर रखा है। यदि किसी को विरोध प्रदर्शन करना है तो निश्चित तौर पर आजाद मैदान में परमिशन मांगे, पुलिस उनको परमिशन देगी। मुंबई में कहीं भी वहां के स्थानीय लोगों को डिस्टर्ब करने के लिए यह सब नहीं होना चाहिए। भारत में समान नागरिक संहिता होनी चाहिए।
--आईएएनएस
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